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IIM: स्टेट कन्वेंशन समारोह का हुआ शानदार समापन

Mon, 12 Aug 2013 09:41 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
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कथक में उनकी भाव प्रवण मुद्राएं ऐसी थीं जैसे कोई निपुण कलाकार प्रस्तुति दे रहा हो। बंदिशें और पथ संचालन देखकर कोई यह नहीं कह सकता कि प्रस्तुतकर्ताओं ने महज तीन दिन में इतना सब कुछ सीखा है।
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गायन में भी सुर- लय-ताल बिल्कुल सटीक। आईआईएम लखनऊ के भावी प्रबंधकों की प्रस्तुतियों ने उनके उस्तादों को भी आश्चर्य से भर दिया। इनके साथ प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों से आए छात्रों ने भी बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) लखनऊ और स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय स्टेट कन्वेंशन का रविवार को समापन हो गया।
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यहां कथक, गायन और कैलीग्राफी की वर्कशॉप चली जिसमें आखिरी दिन छात्रों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। गायन में उन्हें पंडित धर्मनाथ मिश्रा, कथक में विदुषी स्मृति मिश्रा और कैलीग्राफी में अनीस सिद्दीकी ने प्रशिक्षित किया।

समारोह का मुख्य आर्कषण विख्यात संतूर वादक पंडित भजन सोपोरी रहे। उन्होंने अपने संतूर वादन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पं. सोपोरी ने एक से बढ़कर एक धुनें बजाईं जिससे दर्शक-श्रोता भाव विभोर हो गए।
कन्वेंशन के समापन समारोह में राज्यपाल बीएल जोशी भी मौजूद थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय कला और संस्कृति से जोड़ने का यह अनूठा प्रयास है। भारतीय शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देना होगा।

खासकर युवाओं को इससे जोड़ना होगा। इससे भारतीय कला-संस्कृति का प्रचार-प्रसार घर-घर में हो सकेगा। उन्होंने कहा कि हमें भारतीय मूल्यों और परंपराओं का बीज युवाओं में बोना होगा जिससे हमारा देश और मजबूत हो सके।
दूसरी ओर स्पिक मैके के संस्थापक डॉ. किरन सेठ ने अपने संबोधन में कहा कि हम विजन-2020 के तहत पूरे देश के स्कूलों और कॉलेजों में पहुंच जाएंगे।

छात्रों को भारतीय कला- संस्कृति से जोड़कर देश को और मजबूती देने ही हमारा उद्देश्य है। आईआईएम के निदेशक प्रो. देवी सिंह ने कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति और कला का प्रचार हर जगह करना चाहिए।
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यहां की संस्कृति ही भारत को विश्व में सबसे आगे खड़ा करती है।
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