डीयू की कट ऑफ में स्थान पाना चाहते हैं तो भाषा प्रेम आपको कॉलेज में दाखिला दिला सकता है। खासकर जिन्होंने पंजाबी, उर्दू, बंगाली या फिर संस्कृत भाषा पढ़ी है या पढ़ने के इच्छुक हैं तो कट ऑफ में जगह बना सकते हैं।
डीयू के कई कॉलेज ऐसे हैं, जो कटऑफ में न्यूनतम एक से अधिकतम दस फीसदी की छूट देंगे। दरअसल बीए और बीकॉम पास कोर्स में इन भाषा कोर्स को लेने वाले छात्रों को अधिकतम दस फीसदी की छूट मिलेगी।
हालांकि यह कॉलेज पर निर्भर करेगा कि वह किस भाषा के लिए कितनी छूट देगा। डीयू में भाषा में ऑनर्स कोर्स में एडमिशन लेने वाले उन छात्रों को दो फीसदी का लाभ होगा, जिन्होंने इलेक्टिव भाषा को पढ़ा होगा। डीयू ने इस बार कॉमन रुल्स तय किए हैं, लिहाजा प्रशासन ने पहले से ही दस फीसदी तक की छूट का क्राइटेरिया तय कर दिया है।
इसको इस तरह से समझा जा सकता है कि अगर किसी कॉलेज की बीकॉम की कट ऑफ 90 फीसदी जाती है और कोई भाषा को चुनता है तो अधिकतम दस फीसदी की छूट के साथ उसका दाखिला 80 फीसदी तक पर दाखिला मिल सकता है।