देहरादून के डीएवी कालेज ग्रीवांस कमेटी ने छात्रसंघ महासचिव जोगेंद्र सिंह पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है।
पट्टू ग्रुप के सभी आरोपों की जांच के बाद छात्रसंघ संरक्षक और प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन ने जोगेंद्र के पद पर बने रहने का फैसला सुनाया।
पट्टू ग्रुप को थी आपत्तियां
पट्टू ग्रुप ने ग्रीवांस कमेटी के सामने आपत्ति दी थी कि जोगेंद्र ने वर्ष 2010-11 में एमए पालिटिकल साइंस में दाखिला लिया था। जोगेंद्र ने फिर दाखिला लिया, जो अवैध है।
ग्रीवांस कमेटी ने जांच के बाद कहा कि जोगेंद्र का नाम 2011 के दाखिलों की जिस सूची में दर्ज है, उसके 3200 छात्रों के प्रवेश विश्वविद्यालय निरस्त कर चुका है। ऐसे में जोगेंद्र का नया दाखिला सही है।
दो साल से अधिक के गैप पर सवाल
पट्टू ग्रुप ने जोगेंद्र के दो साल से अधिक के गैप पर भी सवाल उठाया था। ग्रीवांस कमेटी ने विवि के प्रॉस्पेक्टस के नियम-13 और डीएवी कालेज प्रॉस्पेक्टस के नियम-37 का हवाला देते हुए साफ किया कि जोगेंद्र ने इस संबंध में नियमानुसार शपथपत्र दिया था।
गुरुवार को आर्यन ग्रुप और पट्टू ग्रुप के कार्यकर्ताओं के सामने फैसला सुनाया गया कि जोगेंद्र के निर्वाचन को अवैध घोषित नहीं किया जा सकता।
ग्रीवांस सेल के अध्यक्ष डा. वीके दीक्षित, डा. पारुल दीक्षित, डा. प्रदीप कोठियाल मौजूद रहे। फैसला आते ही आर्यन ग्रुप ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई जबकि पट्टू ग्रुप ने फैसले को पक्षपातपूर्ण करार दिया।