जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ अब आईएसआईएस के खिलाफ अभियान छेड़ेगा। इसके अलावा एबीवीपी के काउंसलर ने तिब्बत में मानवाधिकारों के हनन को देखते उसके खिलाफ आवाज उठाने का प्रस्ताव एकमत से पास कर दिया। छात्रसंघ की पहली बैठक में कुल सौ रेजुलेशन रखे गए, जिसमें से 90 को पास कर दिया गया।
छात्रसंघ की उपाध्यक्ष शेहला के मुताबिक, पहली बैठक में सेंट्रल पैनल के अलावा 31 स्कूल काउंसलर ने भी भाग लिया। इसमें सदस्यों को कैंपस की विभिन्न जिम्मेदारियां, जैसे हॉस्टल, लाइब्रेरी, सुरक्षा, कैंटीन आदि बांटे गए। बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय के अलावा उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दे आए।
शेहला के मुताबिक, इंटरनेशनल मुद्दे में आईएसआईएस पर चर्चा हुई। इसके विरोध में छात्रसंघ आवाज उठाएगा। इसके अलावा यूजीसी की हॉस्टल की गाइडलाइन, लिंगदोह कमेटी के खिलाफ, जेएनयू प्रवेश परीक्षा में ओबीसी एलिजबिलिटी क्राइटिरिया व ड्रॉप आउट को कम करना आदि शामिल रहा।
वहीं, बैठक में एबीवीपी से सेंट्रल पैनल में संयुक्त सचिव बनें सौरभ समेत 12 काउंसलर ने तिब्बत में मानवाधिकारों के हनन पर बात की, जिसे एकमत से पास कर दिया गया।
आइसा हस्ताक्षर अभियान छेड़ेगा
यूजीसी द्वारा देशभर के विश्वविद्यालयों में हॉस्टल के लिए भेजे गए दिशा-निर्देशों के खिलाफ अब लामबंद हो रहा है। आइसा इसके विरोध में डीयू, जामिया, जेएनयू, अंबेडकर विश्वविद्यालय में हस्ताक्षर अभियान शुरू करने जा रहा है।