आईआईटी की पहली सीढ़ी मानी जा रही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित जेईई मेन-2014 की परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति काफी अच्छी रही।
परीक्षा में करीब 98 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। राजधानी के 41 केंद्रों पर हुई परीक्षा में 36 हजार अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिसमें करीब 35 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
अभ्यर्थियों ने बताया कि फिजिक्स के सवाल काफी कठिन थे। वहीं, केमेस्ट्री व मैथ्स के सवाल सामान्य रहे। रविवार को ऑफलाइन परीक्षा के बाद अब ऑनलाइन परीक्षा चार दिनों में होगी।
सीबीएसई के सिटी को-ऑर्डिनेटर डॉ. जावेद आलम खान ने बताया कि जेईई मेन्स में चार फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। रविवार को ऑफलाइन परीक्षा लखनऊ के साथ ही देश के 150 शहरों में आयोजित की गई।
अगले चरण में जेईई मेन की ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प भरने वाले अभ्यर्थियों का टेस्ट होगा। ऑनलाइन टेस्ट नौ, 11, 12 व 19 अप्रैल को देश भर के 281 शहरों में होगा।
जेईई मेन को आईआईटी में दाखिले की पहली सीढ़ी माना जाता है। मेन में सफल होने वाले पहले डेढ़ लाख अभ्यर्थियों को जेईई एडवांस देने का मौका मिलेगा।
इनमें आधे कैंडिडेट अनरिजर्वड और आधे रिजर्व कैटेगरी के होंगे। जेईई एडवांस के अंक के आधार पर अभ्यर्थी को आईआईटी और बाकी प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला दिया जाएगा।
वहीं, जेईई मेन्स के अंक और स्टूडेंट्स की बोर्ड के अंकों को नॉर्मलाइज करने के बाद फाइनल मेरिट तैयार की जाएगी।
अच्छी मेरिट वाले कैंडिडेट्स को एनआईआईटी, ट्रिपल आईटी, सेंट्रली फंडेड इंस्टीट्यूट और कुछ नामी निजी संस्थानों में दाखिला दिया जाएगा।