आईआईटी में दाखिला। उसके लिए पहले जेईई मेंस और फिर जेईई एडवांस परीक्षा। दिमाग में यह बात आते ही जैसे एक बेहद कठिन मुकाबला घूमने लगता है। लेकिन गत वर्षों का आईआईटी प्रवेश परीक्षा की मेरिट लिस्ट में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड देखें तो सच्चाई कुछ और नजर आएगी।
जी हां, देश के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग संस्थानों में कम अंकों (गणित में 6, फिजिक्स में 16 और कैमिस्ट्री में 41) पर भी आईआईटी की सीट पर दावेदारी की जा सकती है। आईआईटी खड़गपुर की ओर से जारी जेईई एडवांस 2014 विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के मुताबिक गत वर्ष सामान्य श्रेणी में प्रथम रैंक पाने वाले छात्र ने फिजिक्स में 109, कैमिस्ट्री में 108 और मैथ्स में 117 स्कोर किया था।
जबकि अंतिम रैंक वाले छात्र ने फिजिक्स में 59, कैमिस्ट्री में 52 और मैथ्स में 15 अंक हासिल किए थे। ओबीसी श्रेणी में प्रथम रैंक पाने वाले छात्र ने 314 अंकों में से फिजिक्स में 111, कैमिस्ट्री में 100 और मैथ्स में 103 अंक हासिल किए थे जबकि अंतिम 6028 रैंक पाने वाले छात्र ने फिजिक्स में 49, कैमिस्ट्री में 49 और मैथ्स में 15 अंक हासिल किए थे।
एससी श्रेणी में प्रथम रैंक पाने वाले छात्र ने फिजिक्स में 114, कैमिस्ट्री में 84 और मैथ्स में 103 अंक हासिल किए थे जबकि अंतिम 4444 रैंक पाने वाले छात्र ने फिजिक्स में 16, कैमिस्ट्री में 41 और मैथ्स में छह अंक हासिल किए थे।
इसी प्रकार, एसटी वर्ग में प्रथम रैंक वाले छात्र को फिजिक्स में 102, कैमिस्ट्री में 91 और मैथ्स में 97 अंक मिले थे जबकि अंतिम 1255 रैंक पाने वाले छात्र को फिजिक्स में 17, कैमिस्ट्री में 40 और मैथ्स में केवल छह अंक मिले थे। विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल भी अंकों का क्राइटेरिया इसकी के आसपास रहने की उम्मीद है।