आईआईटी में दाखिले के लिए ऑफ लाइन जेईई मेंस छह अप्रैल को होने जा रहा है। मुकाबला कठिन होगा, लेकिन बेहतर परफॉर्मेंस के लिए ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है।
दरअसल बीते साल की कट ऑफ के मुताबिक 360 में 55 अंक पाने वाले एसटी छात्र को भी जेईई एडवांस का टिकट मिल गया था।
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विशेषज्ञों का दावा है कि छात्रों ने पूरी एकाग्रता और सूझबूझ के साथ सवाल हल किए तो उन्हें निश्चित तौर पर एडवांस का टिकट मिलेगा। जेईई मेंस ऑफ लाइन और ऑन लाइन मोड में होगी। बीते साल करीब 15 लाख दावेदार इसमें बैठे।
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इनमें 1.5 लाख को जेईई एडवांस के योग्य आंका गया। मेंस में 360 अंकों के पेपर में 113 अंक लाने वाले सामान्य, 90 अंक वाले ओबीसी, 75 अंक वाले एससी और 55 अंक लाने वाले एसटी श्रेणी के छात्र को एडवांस का टिकट मिला।
यानी मुकाबले में छात्रों की संख्या तो ज्यादा है, लेकिन एडवांस के लिए मुकाबला ज्यादा कड़ा नहीं था।
क्या है जेईई एडवांस
देश के सभी आईआईटी और आईएसएम धनबाद की 9650 सीटों के लिए ज्वॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस करवाती है। इस बार यह परीक्षा में मई में होनी है।
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इसके लिए अभ्यर्थियों का चयन सीबीएसई जेईई मेंस से होता है। जेईई मेंस में पास होने वाले शीर्ष 1.5 लाख अभ्यर्थियों को एडवांस में मौका मिलता है। इसके जरिए शीर्ष तकनीकी संस्थानों में दाखिला मिलता है।
एक्सपर्ट सलाह
दरअसल छात्र मेहनत नहीं करते, अगर करते भी हैं
तो बड़ी परीक्षा के नाम पर डर जाते हैं। एकाग्रता के साथ परीक्षा में
सूझबूझ से प्रश्न हल करें तो निश्चित तौर पर एडवांस का टिकट मिलेगा।
- डॉ. अनिल पटेल, अकादमिक निदेशक, बलूनी क्लासेज