देश में पहली बार जामिया मिल्लिया इस्लामिया पेपरलेस कैंपस बनाने जा रहा है। जहां छात्र से लेकर फैकल्टी तक कागज का प्रयोग नहीं करेगी।
पर्यावरण बचाने की मुहिम में जामिया प्रबंधन अनूठी पहल तो करने जा रहा है। वहीं, छात्रों समेत शिक्षकों को इंटरनल ई-मेल आईडी से जोड़ते हुए दाखिले से लेकर परीक्षा के लिए भी ऑनलाइन प्लेटफार्म उपलब्ध करवाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना है कि महात्मा गांधी के सपनों का भारत स्वच्छ व पर्यावरण फ्रेंडली हो। मोदी के इसी सपने को पूरा करने में जामिया सेंटर फॉर इंफोरमेशन एंड टेक्नोलॉजी ने अनूठी पहल करते हुए पेपरलैस कैंपस बनाने का खाका तैयार हो गया है।
इसके लिए माइक्रोसॉफ्ट से टाई-अप किया गया है। कैंपस को हाईटेक से जोड़ते हुए सारा काम ऑफिस 365 (क्लाउंड) के जरिए होगा। योजना सिरे चढ़ी तो अक्तूबर 2014 से जामिया मिलिया इस्लामिया पेपरलैस हो जाएगा।
माई जामिया से होगी पहचान
सबसे पहले माई जामिया पोर्टल तैयार होगा, जोकि जामिया मिल्लिया इस्लामिया की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। यहीं से छात्रों को दो लिंक मिलेंगे। पहला जामिया की इंटरनल ईमेल आईडी तो दूसरा जामिया पोर्टल से अन्य जानकारियों से जुड़ने का। ऑनलाइन दाखिले के दौरान छात्रों को अपना पर्सनल ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर भी उपलब्ध करवाना होगा।
सीट मिलने के आधार के बाद छात्र के पर्सनल ईमेल आईडी पर इंटरनल ईमेल भेजा जाएगा। उसी पर आगे हॉस्टल, आईकार्ड समेत अन्य प्रक्रिया पूरी होगी। यही ईमेल आईडी शिक्षकों समेत एडमिशन व एग्जामिनेशन ब्रांच, हॉस्टल इंचार्ज, लाइब्रेरी व एचओडी को दिया जाएगा, ताकि पढ़ाई समेत अन्य सूचनाओं को सीधा मेल से छात्र को भेजी जाएं।
जबकि अभी तक लगभग एक छात्र इस पूरी प्रक्रिया पर लगभग 10 से 15 कागज का प्रयोग करता है। वहीं, उपस्थिति कम होने की सूचना भी सभी माध्यमों को सीधे मेल से भेज दी जाएगी, ताकि कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने से रोका जा सके।
ई क्लास रूम बनाने की भी योजना
जामिया को पेपर लैस करने की मुहिम में ई-क्लासरूम बनाने की भी योजना है, ताकि कागजों से दूरी बनायी जा सके। स्मार्ट फोन के साथ लैपटाप का प्रयोग करने वाले छात्रों को ई क्लास से जोड़ दिया जाएगा, ताकि वे कॉपी -किताबों की बजाय अपने लैपटॉप में ही अपना काम कर सकें।
गोपनीय फाइलों भी जुड़ेगी हाइटेक तकनीक से
कैंपस में छात्रों समेत शिक्षकों पर कागज के प्रयोग पर पाबंदी लगाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण व गोपनीय फाइलों से भी कागज का प्रयोग हटाने की भी योजना है। इसके लिए इंटरनल सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा, ताकि संबंधित व्यक्ति को मेल या सॉफ्टवेयर के माध्यम से सूचना दी जा सके।