त्योहारों से पहले लोगों को सस्ते पेट्रोल व डीजल का तोहफा मिल सकता है। अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का फिसलना जारी है और डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत बना हुआ है। इससे सरकारी तेल कंपनियों को डीजल की खुदरा बिक्री पर प्रति लीटर १.५० रुपये से ज्यादा का मुनाफा होने लगा है। ऐसे में डीजल के एक से डेढ़ रुपये सस्ता होने के पूरे आसार हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इंडियन बास्केट क्रूड ऑयल का दाम घटकर ९४.७८ डॉलर प्रति बैरल तक आ गया है जबकि डॉलर के मुकाबले रुपया ६१.५७ के स्तर पर है। सरकारी तेल कंपनियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि डीजल पर तेल कंपनियां की ओवर रिकवरी (मुनाफा) बढ़कर १.७० रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गया है। अगर सितंबर के आखिरी दो दिनों में अगर कच्चे तेल और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमतों में बड़ा फेरबदल नहीं हुआ तो पेट्रोल कम से कम ५० पैसे और डीजल डेढ़ रुपये तक सस्ता होने के प्रबल आसार हैं।
महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा के चुनाव के मद्देनजर भी पेट्रोल व डीजल की कीमतों में कटौती का फैसला महत्वपूर्ण है। हालांकि इस फैसले के लिए बुधवार तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौर से वापस लौटने का इंतजार करना पड़ा सकता है। उधर, वित्त मंत्री अरुण जेटली भी अस्पताल में हैं। इसलिए डीजल की कीमतों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर बाजार के हवाले करने में थोड़ा समय लग सकता है।
मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री के अमेरिकी से वापस आने के बाद डीजल पर बड़ी राहत का ऐलान किया जा सकता है। हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार से आम जनता को कोई बड़ी राहत दिलाना चाहती है।