व्यावसायिक परीक्षा परिषद को किसी भी सूरत में आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) का रिजल्ट 15 दिसंबर से पहले जारी करना होगा।
आईटीआई की परीक्षा हुए पांच महीने बीत चुके हैं लेकिन अब तक परिणाम जारी नहीं किया गया। डीजीईटी (डायरेक्टरेट जनरल एंप्लायमेंट एंड ट्रेनिंग) ने व्यावसायिक परीक्षा परिषद को 15 दिसंबर तक रिजल्ट जारी करने के निर्देश जारी किए हैं।
परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों के शामिल होने की शिकायतों के बाद प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। ऐेसे में परिषद पर जल्द से जल्द जांच कर परीक्षाफल जारी करने का दबाव बढ़ गया है।
आईटीआई की वार्षिक परीक्षाएं 10 से 29 जुलाई तक हुईं थीं। परीक्षा में फर्जी स्टूडेंट्स शामिल होने की शिकायतों पर जांच के लिए प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा आलोक की ओर से तीन सदस्यीय समिति का गठन 13 सितंबर को किया गया।
समिति को अपनी रिपोर्ट 15 दिन के अंदर देनी थी लेकिन नवंबर के आखिर में रिपोर्ट फाइल की गई, जिसमें पूरे प्रदेश में फर्जी परीक्षार्थियों के बैठने की आशंका जताते हुए जांच की सिफारिश की गई थी।
प्रमुख सचिव ने जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर पूरे प्रदेश में फर्जी परीक्षार्थियों की जांच के आदेश दे दिए। इस समय जांच चल रही है। इस बीच व्यावसायिक परीक्षा परिषद ने सभी उत्तर पुस्तिकाएं जंचवा लीं।
जांच में देरी होने के कारण आईटीआई का रिजल्ट अटका हुआ है। रिजल्ट में देरी होते देखकर डीजीईटी ने 15 दिसंबर तक रिजल्ट घोषित करने के निर्देश दे दिए हैं। डीजीईटी के निर्देश के बाद व्यावसायिक परीक्षा परिषद में रिजल्ट जारी करने को लेकर हलचलें बढ़ गई हैं।
वहीं, व्यावसायिक परीक्षा परिषद की निदेशक अनीता श्रीवास्तव ने बताया कि जुलाई 2013 की परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों के बैठने की शिकायत पर जांच शुरू की गई थी। मेरठ जोन में शिकायत सही पाई गई।
अब पूरे प्रदेश में फर्जी परीक्षार्थियों की जांच की जा रही है। डीजीईटी के निर्देश हैं कि रिजल्ट 15 दिसंबर तक जारी कर दिए जाएं। अगले सप्ताह तक जांच पूरी कर 15 दिसंबर तक रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।