पांच साल से ज्यादा पुरानी सभी आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) को मान्यता जारी रखने के लिए दोबारा आवेदन करना होगा।
एनसीवीटी (नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग) आईटीआई का दोबारा निरीक्षण करेगा। निरीक्षण में सही पाए जाने पर ही आईटीआई को आगे एडमिशन लेने की अनुमति दी जाएगी।
यह नियम प्राइवेट और सरकारी दोनों आईटीआई पर लागू होगा। पांच साल पुरानी सभी निजी आईटीआई के लिए आवेदन की अंतिम तिथि सितंबर 2014 निर्धारित की गई है।
वहीं, राजकीय आईटीआई की संख्या का प्रतिशत निर्धारित करके साल भर में आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीईटी (डायरेक्टरेट जनरल इंप्लायमेंट एंड ट्रेनिंग) ने आईटीआई की बेहतरी के लिए गठित की गई वर्किंग कमेटी की सिफारिश पर अपनी मुहर लगा दी है।
वर्किंग कमेटी ने एनसीवीटी की उस गाइडलाइन को सही ठहराया था जिसमें कहा गया था कि आईटीआई की मान्यता केवल पांच साल के लिए होनी चाहिए।
पांच साल बाद आईटीआई का दोबारा निरीक्षण करके देखा जाएगा कि वे प्रशिक्षण देने योग्य हैं या नहीं। डीजीईटी की मुहर लगने के बाद पांच साल पुरानी सभी आईटीआई को मान्यता के लिए दोबारा आवेदन करना होगा।
यह आदेश निजी के साथ ही राजकीय आईटीआई पर भी लागू होगा। डीजीईटी ने राज्य सरकार से कहा है कि वह पांच साल पुरानी सभी राजकीय आईटीआई को दोबारा मान्यता के लिए आवेदन करवाए।
दूसरी ओर, पांच साल पुरानी निजी आईटीआई को मान्यता के लिए खुद ही आवेदन करना होगा। इस बारे में डीजीईटी के महानिदेशक और संयुक्त सचिव आलोक कुमार ने आदेश जारी कर दिया है। सभी संस्थानों को इसका पालन करना अनिवार्य है।
क्या है समय सीमा
सत्र 2014-15 में राजकीय आईटीआई के लिए आवेदन की जो समय सीमा रखी गई है, उसके अनुसार पहली तिमाही में 10 प्रतिशत।
दूसरी तिमाही में 20 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 30 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 40 प्रतिशत संस्थान मान्यता के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, निजी आईटीआई को मान्यता के लिए 2014-15 की दूसरी तिमाही की समाप्ति यानी 30 सितंबर 2014 तक का समय दिया गया है।