आईपी यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक सत्र 2015-16 में छात्रों को प्रॉस्पेक्टस के दामों में बढ़ोतरी के लिए तैयार रहना होगा। विश्वविद्यालय ने खर्चों का हवाला देकर प्रॉस्पेक्टस के दाम बढ़ाने की तैयारी कर ली है। नए सत्र में छात्रों को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन काउंसलिंग की सुविधा भी मिल सकती है।
इसके अलावा दाखिले के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा में सभी परीक्षार्थियों का रिजल्ट एक साथ घोषित न करके कटऑफ की तर्ज पर पहली, दूसरी, तीसरी और अन्य सूची जारी होगी। हालांकि नए बदलावों के लिए अभी कुलपति ने सहमति नहीं दी है।
अरविंद केजरीवाल की 49 दिनों की सरकार ने दिल्ली के छात्रों को उच्च शिक्षा में दाखिले के लिए प्रॉस्पेक्टस के दाम कम करवा दिए थे। इस कड़ी में आईपी यूनिवर्सिटी ने प्रॉस्पेक्टस के दाम 1,000 से 750 रुपये कर दिए थे।
हालांकि नए सत्र में विश्वविद्यालय ने दाखिला शेड्यूल में बदलाव करने की योजना बनाई है। सूत्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय दाखिला शेड्यूल में बदलाव करने जा रहा है, जिसमें प्रॉस्पेक्टस के दाम बढ़ाने के पीछे खर्चों का हवाला दिया गया है।
शैक्षणिक सत्र 2014-15 में कई प्रोग्राम की सीट सितंबर तक खाली रह गई थीं, जिसके चलते सीटों को भरने के लिए स्पेशल काउंसलिंग का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था।
इसी के चलते विश्वविद्यालय बीच का रास्ता निकालते हुए सीईटी के रिजल्ट में बदलाव कर रहा है। पहले सीईटी का रिजल्ट एक साथ जारी हो जाता था, लेकिन इस बार कुल सीट के आधार पर मेरिट लिस्ट जारी होगी।
छात्रों को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन काउंसलिंग की सुविधा भी मुहैया करवाई जाएगी, ताकि जो छात्र ऑनलाइन में दिक्कत महसूस करते हैं, वे विश्वविद्यालय में आकर सीधे दाखिला ले सकें।