बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. बीबी मलिक पर गलत ढंग से नियुक्ति के आरोपों की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी।
यह फैसला शनिवार को बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में किया गया। साथ ही 42 शिक्षकों की भर्ती के मामले में अब कोर्ट के फैसले के बाद कार्रवाई होगी।
बैठक में जय नारायण पीजी कॉलेज (केकेसी) के उप प्राचार्य डॉ. विनोद चंद्रा को बीबीएयू का नया परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है।
वहीं, पूर्व कुलपति प्रो. बी हनुमैय्या के कार्यकाल में बिना अर्हता के भर्ती हुए 42 शिक्षकों के मामले में अब फैसला बाद में लिया जाएगा।
इन शिक्षकों ने कोर्ट में वाद दायर किया है। ऐसे में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय लिया। आगे जो फैसला कोर्ट में होगा उसी के अनुसार बीबीएयू प्रशासन कार्रवाई करेगा।
विशेष जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर 42 शिक्षकों में कई पहले ही नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। इसके अलावा बीबीएयू में 22 लेक्चरर को पदोन्नति कर उन्हें सीनियर लेक्चरर बना दिया गया है।
बीते शुक्रवार को हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक के मिनिट्स भी बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने एप्रूव कर दिए। अब टॉपर्स को निशुल्क शिक्षा देने, कोर्स में नैतिक शिक्षा व समाजसेवा को शामिल किए जाने, जेआरएफ व नेट पास स्टूडेंट्स को प्रवेश परीक्षा से दाखिला देने संबंधित फैसलों को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
22 स्कूल खोले जाने को मिली हरी झंडी
बीबीएयू की बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में 22 स्कूल खोले जाने को हरी झंडी दे दी गई। मालूम हो कि बीबीएयू में 45 नए स्कूल खोले जाने थे लेकिन इसमें से करीब 23 ही अभी खुल पाए हैं।
ऐसे में अब आगे 22 नए स्कूल खोले जाएंगे। इसमें स्कूल ऑफ आर्ट्स, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, स्कूल ऑफ कॉमर्स, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर, स्कूल ऑफ एनर्जी रिर्सोस आदि शामिल हैं।
इसके अलावा अब बीबीएयू में सलेक्शन कमेटी में कुलपति के अलावा डीन, विभागाध्यक्ष और दो अन्य विश्वविद्यालयों के नामित कुलपति शामिल होंगे।