उत्तराखंड में वोट बैंक की सियासत चमकाने को साल दर साल नए विवि खोलने की घोषणाएं होती रही, लेकिन शिक्षा में सुधार तो दूर उल्टे बदहाली बढ़ती गई।
शासन में बैठे कुछ अफसरों की मनमर्जी और अड़ियल रवैये के कारण पहले भी दो कुलपति प्रदेश को अलविदा कर चुके हैं। हालात यह हैं कि प्रदेश के तीन बड़े विश्वविद्यालय प्रभार की जुगाड़बाजी से चलाए जा रहे हैं। अब प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों को तीन कुलपति संभाल रहे हैं।
करीब ढाई साल पहले कुमाऊं विवि के कुलपति डा. राकेश भटनागर ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि शासन में बैठे अफसर चाहते हैं कि वे उनकी जी हुजूरी करते रहें। जवाहर लाल नेहरू विवि दिल्ली से आए बायोटेक्नोलॉजी विशेषज्ञ डा. भटनागर वापस अपनी यूनिवर्सिटी चले गए थे।
आठ अगस्त 2013 को उत्तराखंड तकनीकी विवि के कुलपति प्रो. डीएस चौहान ने इस्तीफा दे दिया। शासन में बैठे कुछ अफसर उन पर भी मनमर्जी थोपते रहते थे। ऐसे ही रवैयों के चलते प्रदेश के तीन प्रमुख विवि प्रभार की जुगाड़बाजी से चल रहे हैं।
जीबी पंत विवि का प्रभार फिलहाल कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी के पास है। तकनीकी विवि का चार्ज अभी दून विवि के कुलपति प्रो. वीके जैन के पास है, जबकि एचएनबी चिकित्सा विश्वविद्यालय का चार्ज अब श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डा. यूएस रावत के पास आ गया है। पंतनगर और तकनीकी विवि के कुलपति की सर्चिंग कमेटी बनने के बावजूद अब तक कुलपति नहीं चुने जा सके हैं।
यहां भी अड़ियल रवैया
श्रीदेव सुमन विवि को स्थापना के साथ ही प्राइवेट परीक्षा की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस वर्ष एक लाख छात्र प्राइवेट परीक्षा देंगे। प्रदेश के करीब 26 बीएड कालेजों को मिलाकर इस वक्त विवि से करीब 98 कालेज संबद्ध हैं।
इतनी बड़ी जिम्मेदारी के लिए विवि के पास केवल चार स्थायी और 18 संविदा कर्मचारी हैं। लगातार मांग भेजने के बावजूद शासन के अफसरों ने नए पदों पर भर्ती शुरू नहीं कराई है। तकनीकी विवि भी लगातार भर्ती के लिए पत्राचार करता आ रहा है। मगर शासन ने दो साल पहले सृजित 85 पदों के लिए आज तक भर्ती नहीं की।'
हरकत में आया शासन, 6 माह बढ़ा कार्यकाल
अमर उजाला की ओर से मामला उठाए जाने के बाद हरकत में आए शासन ने दून विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर वर्तमान कुलपति प्रो. वीके जैन को छह माह सेवा विस्तार दे दिया है। प्रो. जैन का टर्म चार मार्च को पूरा होना था। अब विवि जल्द अकादमिक परिषद और कार्यकारिणी की बैठक कराएगा।
दून विवि के कुलपति की कुर्सी खाली होने की खबर अमर उजाला ने चार फरवरी को ‘एक और विवि होगा कुलपतिविहीन’ शीर्षक से प्रकाशित की थी। बताया गया था कि शासन ने न कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की है, न वर्तमान कुलपति को सेवा विस्तार पर कदम बढ़ाया है। खबर छपते ही दो दिन बाद दून विवि ने नियुक्ति का विज्ञापन दिया।
नियुक्ति की लंबी प्रक्रिया के कारण शासन ने फिलहाल वर्तमान कुलपति प्रो. वीके जैन को छह माह सेवा विस्तार देने की सिफारिश की थी। जिस पर राजभवन ने मुहर लगा दी है। दो दिन पहले इसकी सूचना दून विवि को भेजी गई।
गौरतलब है कि प्रो. जैन फिलहाल उत्तराखंड तकनीकी विवि का कार्यभार भी देख रहे हैं। कार्यकाल बढ़ने के बाद दून विवि के साथ ही तकनीकी विवि की अकादमिक परिषद, कार्यकारी परिषद की बैठक भी होने की संभावना है।