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पंजाबः स्कूलों में रैगिंग को लेकर बेहद अहम फरमान

Fri, 24 Apr 2015 01:24 PM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के सरकारी स्कूलों में भी अब रैगिंग का जिन्न पहुंच गया है। कई शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है। अब रैगिंग करने वाले विद्यार्थियों पर कार्रवाई होगी। इसमें रिजल्ट रोकना, क्लास या स्कूल से सस्पेंड करना और जुर्माना शामिल हैं।
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डायरेक्टर जनरल स्कूल एजुकेशन (डीजीएसई ) ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। पंजाब के शैक्षणिक इतिहास में पहली बार स्कूली शिक्षा स्तर पर रैगिंग पर लगाम कसने की कवायद शुरू की गई है।

डीजीएसई प्रदीप अग्रवाल ने सभी डीईओ, जिला शिक्षा व ट्रेनिंग संस्थाओं और सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि बच्चों के सर्वपक्षीय विकास के साथ उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी स्कूलों की है।
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शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों के साथ रैगिंग और बुलीइंग (बदमाशी) जैसी कई घटनाएं हो रही हैं, जिन्हें सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसे रोकने की जिम्मेदारी सबकी है, जिसमें प्रिंसिपल, टीचर, नॉन टीचिंग स्टाफ, स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और स्थानीय लोग शामिल हैं।

डीजीएसई ने हिदायत दी है कि कैंपस में यह संदेश स्पष्ट तौर पर लगाया जाए कि रैगिंग की सख्त मनाही है। ऐसी कार्यप्रणाली बनाई जाए कि विद्यार्थी सुगम, गुप्त, सुरक्षित और असरदार तरीके से रैगिंग को रिपोर्ट कर सकें।

तमाम सख्ती के बाद भी कोई घटना होती है तो प्रिंसिपल को तुरंत कमेटी की मीटिंग बुलानी होगी ताकि जांच के बाद कार्रवाई की जाए, लेकिन यह ख्याल रखना होगा कि स्कूल का वातावरण मित्रतापूर्ण और शांतिपूर्ण बना रहे।

ये भी रैगिंग के दायरे में
शिक्षा विभाग की हिदायतों के मुताबिक रैगिंग और बुलीइंग कई तरह की हो सकती है। इसमें एक-दूसरे को डराना-धमकाना, हमला करना, गाली-गलौच करना, किसी के प्रति बदनीयती से झूठा प्रचार करना, गलत मैसेज, फोटो और ई-मेल भेजना आदि शामिल हैं।

बनेंगी एंटी रैगिंग कमेटियां
स्कूलों में एंटी रैगिंग कमेटी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें स्कूल का एक-एक सीनियर शिक्षक और शिक्षिका, स्थानीय अस्पताल या डिस्पेंसरी का एक डॉक्टर, कम से कम दो विद्यार्थियों के पेरेंट्स, विधायक, पार्षद या सरपंच शामिल होंगे। स्कूल प्रिंसिपल कमेटी के चेयरपर्सन होंगे।
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ये हैं आदेश
•शिकायत बॉक्स लगाए जाएं ताकि विद्यार्थी शिकायतें और सुझाव दे सकें
•विद्यार्थियों के फीडबैक का नियमित निरीक्षण हो
•अच्छे सुझावों को मॉर्निंग एसेंबली में साझा किया जाए
•भाषण, कहानी, लेख, स्लोगन मुकाबलों के जरिए विद्यार्थियों को जागरूक किया जाए
•एंटी रैगिंग कमेटी का गठन

ये होगी कार्रवाई
•आरोपी विद्यार्थी को मौखिक-लिखित चेतावनी
•निश्चित समय के लिए क्लास या स्कूल से सस्पेंड करना
•रिजल्ट रोक लेना या कैंसिल कर देना
•एक निश्चित राशि तक का दंड लगा देना
•स्कूल से निकाल देना (विरले से विरले केस में)
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