आईआईटी रुड़की से निष्कासित छात्रों ने शनिवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट की एकलपीठ के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।
याचिकाकर्ताओं ने अब हाईकोर्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष विशेष अपील दायर की है। मामले की सुनवाई सोमवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष होगी।
मामले के अनुसार आरती नेगी व अन्य ने हाईकोर्ट में विशेष अपील दायर कर एकलपीठ के 22 जुलाई 2015 के आदेश को चुनौती दी, जिसमें आईआईटी रुड़की के निष्कासन संबंधी फैसले को सही ठहराते हुए विद्यार्थियों की याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।
स्पेशल अपील में कहा गया कि उन्हें 15 जून 2015 को संस्थान से निकाल दिया गया था जबकि आईआईटी रुड़की के नियम 33 के अनुसार केवल उन्हीं विद्यर्थियों को बाहर किया जा सकता है जो प्रथम वर्ष के अंत में निर्धारित अर्न क्रेडिट एवं सीजीपीए लाने में असफल रहते हैं जबकि उनका अर्न क्रेडिट निर्धारित 22 अंक से ज्यादा है। इसलिए उनके रजिस्ट्रेशन को निरस्त नहीं किया जा सकता है।