आईआईटी दिल्ली और जेएनयू जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थान जल संचयन योजना आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड से मिल रही छूट का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। बोर्ड जल संचयन योजना को बढ़ावा देने पर 10 प्रतिशत की छूट दे रहा है।
यह खुलासा कैग ने एक रिपोर्ट में किया है। कैग के अनुसार, दिल्ली जल बोर्ड ने जनवरी 2010 में सरकारी संस्थानों को वर्षा जल संचयन संरचना शुरू करने के लिए पानी के बिल पर छूट देना शुरू किया था।
आईआईटी दिल्ली ने वर्ष 2000 के बाद परिसर में 28 स्थानों पर वर्षा जल संचयन योजना शुरू की है। इसी तरह जेएनयू ने वर्ष 2005 के बाद परिसर में आठ जगहों पर यह प्रणाली लगा रखा है।
लेकिन इन दोनों ही संस्थानों ने अब तक एक भी बार दिल्ली जल बोर्ड के पास पानी के बिल में छूट देने के लिए आवेदन नहीं किया है। जबकि इन दोनों संस्थानों का वर्षा जल संचयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान है।