इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी और इंडियन स्कूल आफ माइंस में दाखिले के लिए अनिवार्य योग्यता के नियम में मिले 75 प्रतिशत के विकल्प ने होनहारों को बड़ी राहत दी है।
आईआईटी बांबे की ओर से जारी 12वीं के क्वालिफाइंग क्राइटेरिया के हिसाब से टॉप 20 परसेंटाइल में न आने वाले छात्र दूसरे क्राइटेरिया (दायरे) में फिट आ रहे हैं। हालांकि उत्तराखंड बोर्ड में आईआईटी ने 75 प्रतिशत क्राइटेरिया के तहत ज्यादा अंकों के चलते टॉप 20 परसेंटाइल वाले छात्रों को एडमिशन के योग्य माना है।
आईआईटी में दाखिले के लिए गत वर्ष तक जेईई एडवांस पास करने के साथ ही 12वीं के बोर्ड एग्जाम के टॉप 20 परसेंटाइल में आना लाजिमी थी। इस नियम में ढील देते हुए आईआईटी ने इस साल टॉप 20 परसेंटाइल के अलावा विकल्प के तौर पर अपने बोर्ड में 75 प्रतिशत अंक लाने का विकल्प दे दिया था।
सोमवार को सभी बोर्ड का टॉप 20 परसेंटाइल और 75 प्रतिशत के अंक जारी किए गए। इसमें दूसरे विकल्प के तौर पर ज्यादा छात्रों को मौका मिल रहा है। हालांकि उत्तराखंड बोर्ड के लिहाज से टॉप 20 परसेंटाइल फायदेमंद रहा है।
टॉप 20 परसेंटाइल के हिसाब से सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के 12वीं में 349 अंक होने चाहिए, जबकि 75 प्रतिशत क्राइटेरिया के हिसाब से 375 अंक होने जरूरी हैं। आईआईटी ने दोनों क्राइटेरिया में से कम अंकों वाले क्राइटेरिया को संबंधित बोर्ड में लागू कर दिया है। एससी, एसटी व विकलांग अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग अंक घोषित किए गए हैं।
सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए यह है क्राइटेरिया
बोर्ड - टॉप 20 परसेंटाइल के अंक - 75 प्रतिशत के अंक
सीबीएसई - 440 - 375
आईएससी - 443 - 375
उत्तराखंड बोर्ड - 349 - 375
यूपी बोर्ड - 392 - 375
एनआईओएस ओपन बोर्ड - 351 - 375