इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेण्ट (आईआईएम) लखनऊ व सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के बीच सोमवार को मेमोरेन्डम ऑफ अन्डरस्टेंडिंग (एमओयू) साइन किया है।
इसके तहत दोनों संस्थान मिलकर डुअल सर्टिफिकेट कोर्स चलाएंगे। स्टूडेण्ट और फैकल्टी का एक्सचेंज होगा और साझा रिसर्च की जाएगी। इतना ही नहीं दोनों संस्थान मिलकर केस स्ट्डी करेंगे।
एमओयू पर आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रो. देवी सिंह और सिंगापुर मैनेजमेण्ट यूनिवर्सिटी के डिप्टी प्रेसिडेंट और प्रोवोस्ट प्रो. राजेन्द्र श्रीवास्तव ने हस्ताक्षर किया।
आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रो. देवी सिंह ने बताया कि दोंनों संस्थानों के बीच रिसर्च, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम, फैकल्टी व स्टूडेण्ट एक्सचेंज प्रोग्राम चलाने को लेकर समझौता हुआ है।
ये डुअल सर्टिफिकेट कोर्स मैनेजमेण्ट डेवलपमेण्ट प्रोग्राम (एमडीपी) के तहत एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम होंगे जो वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए खासकर डिजाइन किए जाएंगे।
इतना ही नहीं सिंगापुर और उत्तर प्रदेश व लखनऊ में चल रहीं कंपनियां अगर चाहेंगी तो उनके लिए भी विशेष सर्टिफिकेट प्रोग्राम चलाया जाएगा।
इसके अलावा रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए आईआईएम लखनऊ और सिंगापुर मैनेजमेण्ट यूनिवर्सिटी साथ में मिलकर बेहतर रिसर्च करने के लिए क्या-क्या उपाए किए जाएं इसकी पड़ताल करेगा।
दोनों मिलकर साझा केस स्ट्डी करेंगे और इसका प्रयोग मैनेजमेण्ट की टीचिंग को और बेहतर बनाने के लिए करवाया जाएगा। फैकल्टी रिसर्च वर्कशॉप के लिए दोनों के साथ मिलकर काम करेंगे।
सोमवार को ही एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों ही संस्थान अपने मिशन में भी जुट गए।
दोनों ने इनोवेशन एंड एन्टरप्रिन्योरशिप विषय पर एक साझा वर्कशॉप आयोजित की। जिसमें चार सत्र आयोजित किए गए।