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सिविल सेवा में फिर इंजीनियरिंग और साइंस वाले आगे

Wed, 15 Oct 2014 04:13 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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संघ लोक सेवा आयोग की ओर से सिविल सर्विस प्री एग्जाम का रिजल्ट घोषित कर दिया गया। 24 अगस्त को देशभर में अंग्रेजी के विरोध और सवालों में आयोग की ओर से छूट के साथ यह परीक्षा आयोजित हुई।
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आर्ट विषयों के छात्र पिछड़े
बावजूद इसके युवाओं को राहत नहीं मिली। रिजल्ट आने के बाद एक बार फिर इंजीनियरिंग और साइंस बैकग्राउंड वाले छात्रों का जलवा देखने को मिला है जबकि आर्ट विषयों के छात्र पिछड़ गए हैं।

यूपीएससी की ओर से मंगलवार को दोपहर बाद परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया। इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के लिए अलग से परिणाम जारी हुआ जबकि सिविल सेवा और दूसरी सेवाओं के लिए अलग परिणाम जारी किया गया है। परीक्षा से ठीक पहले अंग्रेजी के सवालों से राहत मिलने के बावजूद सिविल सेवा में इस बार भी युवाओं की मुश्किलें कायम रही।
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परीक्षा का पैटर्न अभी तक स्थायित्व पर नहीं आ पाया है। गत वर्ष तक अंतर वैयक्तिक संचार और डिसीजन मेकिंग के  आठ सवाल आते थे लेकिन इस साल 24 अगस्त को हुई परीक्षा में इनकी जगह दूसरे मुश्किल सवालों ने ले ली।

उन सवालों में नेगेटिव मार्किंग न होने की वजह से भी अभ्यर्थियों को आसानी रहती थी। युवाओं को मुश्किल यह हुई कि पेपर से ठीक पहले उन्हें अंग्रेजी के सवालों से राहत तो मिल गई थी लेकिन जो हिंदी आई थी, वह पहले की तरह ट्रांसलेशन वाली ही थी।
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विशेषज्ञों के मुताबिक पेपर पैटर्न की वजह से परीक्षा में इंजीनियरिंग और विज्ञान बैकग्राउंड वाले अभ्यर्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत ज्यादा रहा है।

साल दर साल कटऑफ पर एक नजर
वर्ष 2011 : 198(400 में से) थी यानी 49.5 प्रतिशत।
वर्ष 2012 : 209(400 में से) यानी 52.25 प्रतिशत।
वर्ष 2013 : 241(400 में से) यानी 60.25 प्रतिशत।
वर्ष 2014 : करीब 232(385 अंकों में से) यानी 60.25 प्रतिशत।

आयोग की ओर से अंग्रेजी में मिली छूट का युवाओं को कोई फायदा नहीं मिला है। इस बार मूल्यांकन 385 अंकों में से किए जाने के बावजूद कटऑफ उतनी ही रही है।
- सुशील कुमार सिंह, निदेशक, प्रयास आईएएस स्टडी सर्किल
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