उत्तराखंड में अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी छात्र आईएएस, पीसीएस, आईआईटी, एमबीबीएस व आईआईएम की परीक्षाएं पास कर अधिकारी बन सके इसके लिए सरकार ने मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन संचालन योजना शुरू की है।
योजना के तहत इन परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावियों को सरकार प्रोत्साहन राशि दे रही है। संघ लोकसेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर अभ्यर्थी को 75000 रूपये का तोहफा दे रही है। जबकि उत्तराखंड लोकसेवा आयोग की परीक्षा पास करने वाले मेधावियों को 60000 रूपये बतौर प्रोत्साहन राशि दिए जा रहे है।
योजना के पहले चरण में सरकार अब तक 27 मेधावियों को धनराशि भी मुहैया करा चुकी है। अल्पसंख्यक कल्याण के संयुक्त सचिव सुनील पांथरी ने बताया कि वर्ष 2015 में पीसीएस परीक्षा पास करने वाले 13 मेधावियों, पीसीएस-जे के एक, आईआईटी के दो व सीपीएमटी परीक्षा पास करने वाले एक मेधावी को छात्रवृत्ति दे चुकी है।
इतना ही नहीं मुख्य परीक्षा पास करने के बाद साक्षात्कार की तैयारी केलिए भी सरकार आर्थिक मदद दे रही है। लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं के साक्षात्कार में शामिल मेधावियों को 25000 और उत्तराखंड लोकसेवा आयोग के साक्षात्कार की तैयारी के लिए 20000 रूपये मुहैया कराए जा रहे हैं।
संयुक्त सचिव पांथरी ने बताया कि पहली बार मुख्य परीक्षा में चयनित नहीं होने वाले मेधावियों को दूसरी बार प्री परीक्षा पास करने पर भी 35 हजार रूपये प्रोत्साहन दे रही है। सरकार का मानना है कि योजना के लागू होने से अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावियों का इन परीक्षाओं को लेकर रुझान बढ़ेगा। देश व राज्य के विकास में उनकी सहभागिता भी सुनिश्चित होगी।