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...इसलिए उत्तराखंड में पीसीएस बनना है मुश्किल

Thu, 19 Nov 2015 01:22 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड बनने के बाद यहां के कई युवाओं का पीसीएस अफसर बनने का सपना लोक सेवा आयोग की बेरुखी की वजह से पूरा नहीं हो पा रहा है।
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यहां होने वाली पीसीएस परीक्षा में प्रदेश के इतिहास, संस्कृति आदि से जुड़े महज 15 प्रतिशत सवाल पूछे जाते हैं, जबकि अन्य राज्यों में यह प्रतिशत कहीं अधिक है। इस वजह से प्रदेश के युवा परीक्षा में पिछड़ रहे हैं। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से प्रदेश बनने के बाद से अब तक पांच पीसीएस प्री परीक्षाएं आयोजित की गई।

इसमें उत्तराखंड से जुड़े सवालों का प्रतिशत पांच से 15 प्रतिशत तक रहा। इस बार हुई पीसीएस प्री परीक्षा में भी सवालों का औसत 15 से 17 प्रतिशत ही रहा। अन्य राज्यों में स्थिति इससे कहीं अलग है। राजस्थान में पीसीएस परीक्षा में 30 से 35 प्रतिशत तक राज्य से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।
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इसी प्रकार, झारखंड में 30 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 35 प्रतिशत, बिहार में 25 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 30 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में 25 प्रतिशत तक राज्य के इतिहास, भूगोल, संस्कृति आदि से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।

दूसरे राज्यों का बन गया दबदबा
उत्तराखंड से जुड़े सवालों के गायब होने की वजह से अन्य राज्यों के युवाओं को यहां की पीसीएस परीक्षा में ज्यादा आसान मौका मिलता है। बाहर के युवाओं को फायदा ये होता है कि यहां की परीक्षा में प्रदेश से संबंधित सवाल काफी कम पूछे जाते हैं और वे अपनी तैयारी के हिसाब से ही परीक्षा दे देते हैं।

अगर यहां प्रदेश से संबंधित सवाल ज्यादा पूछे जाएं तो उन्हें कठिनाई होगी और प्रदेश के युवाओं को आसानी। यही वजह है कि पीसीएस 2006 में हुई परीक्षा में पांच एसडीएम का चयन किया गया, जिसमें पहले तीन एसडीएम यूपी के निवासी थे। अब तक हुई चार पीसीएस परीक्षाओं में करीब 70 प्रतिशत युवा अन्य राज्यों के निवासी सफल हुए हैं।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के स्तर पर होने वाली सभी परीक्षाओं में प्रदेश के इतिहास, संस्कृति और भौगोलिक परिस्थितियों से जुड़े सवाल बढ़ाए जाने चाहिए। यहां से जुड़े सवालों की संख्या कम होने की वजह से यहां के युवाओं को कम मौका मिलता है।
- आरए खान, निदेशक, प्रयाग आईएएस एकेडमी

क्या कहते हैं परीक्षा देने वाले युवा
यहां की पीसीएस परीक्षा में सबसे बड़ी परेशानी यही है कि जो राज्य का इतिहास, भूगोल, संस्कृति हमने पढ़ी है, उसका लाभ नहीं मिलता। इसमें बदलाव होना चाहिए।
- सीमा बंगवाल

हम कई और राज्यों की पीसीएस परीक्षा दे चुके हैं। वहां राज्य संबंधित सवाल पूछे जाते हैं लेकिन हमारे राज्य की परीक्षा में अपने ही प्रदेश से जुड़े सवाल नहीं होते।
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- खुशहाल

पीसीएस परीक्षा में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को बदलाव करने की जरूरत है। प्रदेश के इतिहास, भूगोल और सामान्य जानकारी से जुड़े सवालों को परीक्षा में शामिल किया जाना चाहिए।
- फैजान अहमद खान
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