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छात्रों को राहत देगा एचपीयू का ये बड़ा फैसला

Wed, 21 Jan 2015 09:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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सर्दियों में छात्रावासों को बंद करने के मामले में विवि प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। छात्र संगठनों के विरोध को देखते हुए विवि प्रशासन ने अब अनुमति के बाद छात्रों को छात्रावासों में ठहरने की छूट दी है।
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इसमें विभागाध्यक्ष की अनुमति भी लेनी होगी। आवेदन की प्रक्रिया को फॉलो करना होगा। इससे साफ है कि अब जो छात्र सर्दियों की छुट्टियों में 18 फरवरी तक परीक्षा की तैयारी और शोध कार्य के लिए छात्रावास में रुकना चाहेगा, वह रुक सकता है। इसके लिए छात्र को चीफ वार्डन को आवेदन करना होगा।

विवि छात्रावासों में छात्रों की संख्या को देखते हुए उन्हें दूसरे छात्रावासों में कमरे आवंटित कर सकता है। इसे छात्रों को मानना ही होगा। यदि एक छात्रावास में दो या तीन छात्र ही आवेदनकर्ता होंगे तो उन्हें अन्य छात्रावासों में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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विवि के चीफ वार्डन प्रो. रघुविंद्र सिंह ने कहा कि अभी छात्रावास बंद ही नहीं किए थे। छात्रों की मांग पर सिर्फ विभागाध्यक्षों की अनुमति की लगाई गई शर्त को हटा दिया है।
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हॉस्टल के लिए पूरी करनी होगी औपचारिकताएं

प्रदेश विश्वविद्यालय के अनुसार छात्रावासों में रहने के लिए छात्रों को आवेदन तो करना ही होगा। अनुमति के बाद ही उन्हें छात्रावासों में ठहरने दिया जाएगा।

विवि प्रशासन के इस नरम रुख के चलते छात्रों को राहत मिली है, जो सर्दियों में विवि में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और शोध कार्य करना चाहते थे।

छात्रावासों को बंद न किए जाने की छात्रों की उठती आ रही मांग को देखते हुए वार्डन की टीम ने छात्रावासों में जनरल हाउस कर छात्रों की बात सुनी।

इसके बाद फैसला लिया गया कि जो छात्र रुकना चाहता है, उसे रुकने की अनुमति मिलेगी। लेकिन आवेदन की प्रक्रिया को पूरा करना होगा।

एसएफआई की विवि इकाई के अध्यक्ष राहुल चौहान ने कहा कि एसएफआई विवि प्रशासन के छात्रावासों को छुट्टियों में बंद किए जाने के फैसले का विरोध कर रहा था। इसके चलते प्रशासन को अपना फैसला बदलना पड़ा है।
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