प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों को अब छात्रावास के लिए आवेदन के लिए शपथ पत्र नहीं देना पड़ेगा। सरकार की 31 जनवरी 2015 को जारी अधिसूचना के मुताबिक अब छात्रों को सिर्फ सेल्फ डेक्लेरेशन ही देना होगा। अन्य कॉलेजों में भी यह सुविधा मिलेगी। इसमें शपथ पत्र के लिए तय की सभी शर्तें शामिल रहेंगी।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय नए सत्र में पीजी और अन्य कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही विवि प्रशासन इसकी अधिसूचना जारी कर देगा। विश्वविद्यालय के इस फैसले से नए सत्र में छात्रावास सुविधा को आवेदन करने वाले छात्रों को भारी राहत मिलेगी।
उन्हें अब शपथ पत्र की जगह सिर्फ सेल्फ डेकलेरेशन ही देनी होगी। इसमें छात्र को लिख कर देना होगा कि वह विवि के बनाए सभी नियमों का पालन करेगा। वह किसी भी तरह के लड़ाई झगड़े में शामिल नहीं होगा। संस्थान के अनुशासन नियमों को पूरी तरह से पालन करेगा। नियमों को तोड़े जाने या लड़ाई झगड़े आदि में संलिप्त पाए जाने पर छात्र को निष्कासित करने-छात्रावास आवंटन रद्द तक किया जा सकता है।
हॉस्टल के लिए इतने आवेदन
छात्रावासों के लिए हर सत्र में छात्राओं की करीब 1100 और छात्रों की 450 सीटों के लिए औसतन तीन हजार से अधिक आवेदन आते हैं। उन्हें यह शपथ पत्र देना अनिवार्य किया था। इसमें हर छात्र को शपथपत्र बनवाने को दौड़ धूप करने के साथ पैसा भी खर्च करना पड़ता था।
छात्रावास मिले या न मिले यह आवेदन के समय में ही ले लिया जाता था। अब विवि के इस फैसले से इन हजारों छात्रों को राहत मिलेगी। एसएफआई ने हाल ही में शपथपत्र की शर्त हटाने की मांग चीफ वार्डन से उठाई थी।
जल्द जारी कर देंगे अधिसूचना : कुलसचिव
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. पंकज ललित ने माना कि प्रदेश सरकार की ओर से 31 जनवरी को जारी की अधिसूचना का पालन करते हुए, अब छात्रावास आवंटन के लिए छात्रों से लिए जाने वाले शपथपत्र के स्थान पर सेल्फ डेकलेरेशन ली जाएगी। इसे कुलपति से मंजूरी मिल चुकी है। जल्द इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
शपथ पत्र की शर्त हटाने की उठाई थी मांग : प्रो. वीना
विवि की चीफ वार्डन प्रो. वीना शर्मा ने बताया कि छात्र लगातार छात्रावास आवंटन को आवेदन के साथ लगाई शपथपत्र की शर्त को हटाने की मांग कर रहे थे। इसे समाप्त किया जा रहा है, इसे प्रशासन ने मंजूरी दे दी है। यह फैसला आम छात्रों के हित में लिया गया है।
गलत सूचना दी तो होगी कार्रवाई
छात्रों को राहत के साथ सेल्फ डेक्लेरेशन में ध्यान रखना होगा कि इसमें कोई गलत सूचना न हो। यदि इसकी कोई सूचना गलत पाई गई तो छात्र के खिलाफ इंडियन पिनल कोड की धारा 199 और धारा 200 के तहत कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को इसमें एकदम सही जानकारी ही देनी होगी।