एक तरफ जहां पंजाब यूनिवर्सिटी से हर साल निकलने वाले करीब 300 स्कॉलर्स को नौकरी केलिए इधर-उधर भटकना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर 50 हजार से एक लाख रुपये तक सैलरी लेने वाले पीयू और संबंधित कॉलेजों के नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर प्रोफेसर तक स्कॉलर्स के हक खा रहे हैं।
पीयू में रेगुलर शिक्षक दिन में अपने विभागों में पढ़ाने के बाद शाम को इवनिंग स्टडीज में गेस्ट फैकल्टी के तौर पर कक्षाएं ले रहे हैं। यहां से भी ये शिक्षक 25 हजार रुपये तक कमा रहे हैं। सूचना केअधिकार केतहत मांगी गई जानकारी में यह खुलासा हुआ है।
इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (इनसो) ने शिक्षकों के इस लालची रवैये के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इनसो ने वीरवार को वीसी ऑफिस केबाहर प्रदर्शन करने के बाद इससे संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।
इनसो के चेयरमैन रमन ढाका और चंडीगढ़ पार्टी अध्यक्ष मनोज जौरासी ने बताया कि आरटीआई से जो जानकारी मिली है, उसमें कई ऐसे भी गेस्ट टीचर बने हैं जो किसी विभाग में क्लरिकल वर्क करते हैं। वह इवनिंग स्टडीज में पंजाबी पढ़ा रहे हैं।
इनसो के कार्यकर्ता वीरेंद्र बेनीवाल ने बताया कि यूजीसी के नियम के तहत किसी भी यूनिवर्सिटी के शिक्षकों को एक वेतन के बाद दूसरा वेतन लेने का नियम नहीं है। इसके बावजूद पीयू में कई ऐसे प्रोफेसर हैं जो गेस्ट फैकल्टी के तौर पर पढ़ाकर अतिरिक्त पैसे कमा रहे हैं।
ऐसे शिक्षक स्कॉलर्स का हक डकार रहे हैं। यूनिवर्सिटी के 36 ऐसे फैकल्टी मेंबर हैं जो अपने विभाग के अलावा अन्य विभाग में जाकर गेस्ट फैकल्टी के रूप में पढ़ा रहे हैं।