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छात्र झेल रहे परेशानी, दो साल में ऑनलाइन नहीं हुआ विवि

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रूसा सीबीसीएस को लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय नए सिस्टम को लागू करने के दो साल बाद भी ऑनलाइन सुविधा की लिहाज से अपने को तैयार नहीं कर पाया है। एचपीयू के पास अब तक अपना एक डैडीकेटिड सर्वर तक नहीं है। इस कारण रूसा के तहत यूजी कोर्स कर रहे प्रदेश के लाखों छात्रों को प्रवेश, परीक्षा फार्म भरने, फीस जमा करवाने के साथ ऑनलाइन परिणाम तक जानने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
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छात्रों की इस परेशानी का अब तक विवि स्थाई समाधान करने में नाकाम रहा है। विवि आनलाइन सुविधाएं छात्रों को देने को लेकर पूरी तरह से डीआईटी के साथ शेयर किए जा रहे सर्वर पर निर्भर हैं। एचपीयू को पूरी तरह से वेब एनेबल्ड करने के लंबे समय से किए जा रहे दावों पर अभी तक जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है।

जनवरी में शुरू हुई थी प्रक्रिया

एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग के तहत वेब एनेबल्ड यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम के तहत ही एचपीयू को छात्रों को दी जाने वाली हर सुविधा और हर विभाग तथा इससे संबंधित जानकारी को ऑनलाइन उपलब्ध करवाने की योजना है। सरकार से इस प्रोजेक्ट को चार करोड़ मंजूर होने के बावजूद एचपीयू अब तक इस कार्य को शुरू तक नहीं करवा पाया है। इसका खामियाजा प्रदेश के यूजी छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। इससे विवि से अन्य कोर्स कर रहे छात्रों को भी ऑनलाइन जैसी सुविधाएं सही मायने में नसीब नहीं हो पा रही है।

एचपीयू ने जनवरी 2015 में विवि के ऑटोमेशन और वेब एनेबल्ड प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू कर दिया था। इसके लिए बनाई कमेटी ने पूरे विवि के हर कार्य के मुताबिक आटोमेशन के लिए अपनी जरूरत के आंकड़ें और तथ्यों के आधार पर दस से 15 सालों की जरूरतों के हिसाब से प्रोजेक्ट का प्रारूप तैयार किया। डीआईटी, एनआईसी, शिक्षा विभाग और एचपीयू के लोगों की 15 सदस्यीय कमेटी ने टेंडर आवंटन की प्रक्रिया लगभग पूरी की है।
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डेढ़ माह में आवंटित होगा काम

यूनिवर्सिटी के डब्लूयूएमएस प्रोजेक्ट समन्वयक और विवि कंप्यूटर सेंटर इंचार्ज मुकेश कुमार ने कहा कि डेढ़ माह में टेंडर आवंटन कर दिया जाएगा। अगले शैक्षणिक सत्र में विवि का एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग के तहत ऑटोमेशन किए जाने का तय लक्ष्य पूरा हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने विवि आटोमेशन और इसे वेब एनेब्लड मैनेजमेंट करने के लिए चार करोड़ की राशि मंजूर की है। इसे सरकार किस्तों और कार्य के आधार पर जारी करेगी। बजट का प्रावधान होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

कॉलेजों में यूजी में लागू रूसा सीबीसीएस सिस्टम में हर प्रक्रिया आनलाइन है। इसमें कॉलेज या कोर्स में प्रवेश लेने से लेकर फीस जमा करवाने, परीक्षा फार्म भरने से रिजल्ट तक ऑनलाइन होगा। सिस्टम को लागू करने में जल्दबाजी और विवि का ऑनलाइन न होना भी नए सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करना मुश्किल हो रहा। नए सिस्टम में वर्तमान में तीन बैच में एक लाख से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं।
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