एचपीयू ने रूसा के छात्रों को तीसरे सत्र के साथ प्रथम सत्र की रि-अपीयर परीक्षा देने की छूट दे दी है। इसके लिए सोमवार से साइट पर आनलाइन रि-अपीयर फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। एचपीयू ने रूसा के ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में फेल विषयों में रि-अपीयर होने की ऑप्शन भी अब उपलब्ध करवा दी है। ऑनलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया 15 नवंबर तक चलेगी।
इस प्रक्रिया से उन छात्रों को लाभ होगा, जिनकी प्रथम सत्र के किसी भी विषय में परीक्षा पास नहीं हो पाई हो। जिन छात्रों के प्रथम सत्र के ग्रेड कार्ड में जिस कोर्स और विषय के आगे एफ लिखा है। उन्हीं विषयों में छात्रों को रि-अपीयर फार्म भरने और परीक्षा देने की आवश्यकता होगी। प्रदेश विश्वविद्यालय ने रूसा के ऑनलाइन फार्म भरने को बनाए गए साफ्टवेयर में यह व्यवस्था कर दी है।
प्रति विषय की चुकानी होगी सौ रुपये फीस
सोमवार से छात्र अपने यूजर लाग इन से साइट पर जाकर अलग से रि-अपीयर फार्म भरने का आप्शन पाएंगे। इसे छात्र को परीक्षा फार्म की तरह से भरना होगा। इसे भरने के साथ ही छात्र को प्रति विषय फीस जमा करवानी होगी। रि-अपीयर की परीक्षा रूसा प्रथम सत्र की जारी होने वाली डेटशीट के मुताबिक ही होगी।
छात्रों को उसी पुराने रोलनंबर पर परीक्षा देनी होगी और कट लिस्ट आदि की सूचना साइट पर ही उपलब्ध करवाई जाएगी। रि-अपीयर परीक्षा का आनलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया में छात्र को प्रति विषय के हिसाब से सौ रुपये फीस भरनी होगी। फीस अदा करने की प्रक्रिया वही रहेगी।
सभी विषयों में लगेगी पांच सौ रुपये फीस
यदि कोई छात्र प्रथम सत्र में किसी भी विषय में उत्तीर्ण न हुआ हो, या फिर परीक्षा ही न दे पाया हो, उसे सभी विषयों की प्रथम सत्र की परीक्षा देने के लिए फार्म भरने के साथ पांच सौ रुपये की फीस अदा करनी होगी।
तय समय के भीतर भरें फार्म: प्रो. कौशल
विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने बताया कि जिन छात्रों की रूसा प्रथम सत्र के परिणाम के जारी ग्रेड कार्ड में विषय के आगे एफ लिखा है, उसी में रि-अपीयर फार्म भरने की जरूरत है। उन्होंने छात्रों से तय समय सीमा के भीतर ऑनलाइन फार्म भरने को कहा है।
‘अमर उजाला’ ने 26 अक्तूबर को उजागर किया था मामला
‘अमर उजाला’ ने 26 अक्तूबर के अंक में ... हाथ से निकल न जाए दोबारा परीक्षा का मौका... शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामले को उजागर किया था। एचपीयू ने मामले की गंभीरता और छात्रों के हित को देखते हुए तीसरे सत्र के छात्रों को इसी शैक्षणिक सत्र में रि-अपीयर परीक्षा देने की व्यवस्था की।