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हजारों छात्रों को झटका, बढ़ गई बीएड की फीस

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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा और पीजी सेंटर के कोर्स में कई गुणा फीस बढ़ोतरी के बाद अब हजारों छात्रों को एक और झटका देने की तैयारी है। बीएड प्रवेश परीक्षा की फीस भी बढ़ाई जानी तय है।
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प्रवेश परीक्षा के लिए गठित कमेटी ने प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें सामान्य वर्ग की फीस 600 से बढ़ाकर 800 और एससी/एसटी की फीस दरें 300 से 400 रुपये की जानी तय है। कमेटी से पास प्रस्ताव पर सिर्फ कुलपति की मंजूरी की मुहर लगनी है।

बीएड कोर्स में सिर्फ फीस ढांचा ही नहीं बदलेगा, बल्कि बीएड/एमएड कोर्स नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन एनसीटीई की पिछले वर्ष जारी गाइडलाइन के मुताबिक दो साल का नए सत्र से किया जा रहा है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। नया सिलेबस गाइडलाइन के मुताबिक तैयार किया जाएगा।
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बैठक में लिया गया फैसला

विवि में अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. टीसी भल्ला की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें शिक्षा विभाग की ओर से डा. एमएस नेगी, निजी बीएड कॉलेज संघ के सचिव वेद शर्मा, विवि शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. सुदर्शन राणा, डीन सुरेंद्र शर्मा सहित परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल सहित अन्य सदस्य और अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में एनसीटीई की गाइडलाइन के मुताबिक बीएड/एमएड कोर्स में बदलाव पर चर्चा हुई। इसके मुताबिक अब जिन कॉलेजों में सौ छात्रों का एक यूनिट था, वहां अब 50 छात्रों का यूनिट होगा। दूसरे साल होने वाले प्रवेश के बाद छात्रों की संख्या 100 होगी।

एमएड में एक यूनिट जो 35 छात्रों का रहता था, उसे अब 50 किया जाएगा। उसी के हिसाब से प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
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72 कॉलेजों के छात्रों को झटका

बीएड के नए सिलेबस में टीचिंग प्रैक्टिस और शिक्षण की नई आधुनिक तकनीकों का अधिक इस्तेमाल करने पर ध्यान केंद्रित रहेगा।

विश्वविद्यालय से वर्तमान में 72 निजी बीएड कॉलेज संबद्ध हैं। विवि का अपना, रिजनल सेंटर और इक्डोल में अलग से बीएड कोर्स चल रहा है। इन बीएड कॉलेजों के संचालकों ने पहले ही एनसीटीई को शपथ पत्र दिया है कि वे नई गाइडलाइन को फॉलो करेंगे।

इनमें प्रवेश को परीक्षा में बैठने वाले हजारों छात्रों को बढ़ी फीस देनी पड़ेगी। पिछले वर्ष इनकी संख्या 8000 थी। इस बार संख्या हजारों में ही रहने की उम्मीद है।
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