हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को आर्थिक संकट से उबारने और रिक्त पदों को न भरे जाने में नाकाम रहे विवि प्रशासन के खिलाफ 11 जून से कर्मचारी आंदोलन करने जा रहे है।
संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों की चारों यूनियन एकजुट हो कर आर पार की जंग का आगाज करेगी। 11 जून को विवि कर्मी इन दो मुख्य मांगों के साथ अन्य सभी बारह मांगों को मनवाने को परिसर में डेढ़ बजे धरना प्रदर्शन और रैली करेंगे।
विवि कार्यकारी परिषद सदस्य चौधरी वरयाम सिंह बैंस, कोर्ट सदस्य तेज राम शर्मा और संयुक्त समन्वय समिति के चेयरमैन हितेश्वर ठाकुर ने आंदोलन का एलान करते हुए कहा कि 11 जून को पहली रैली होगी।
उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन विवि को वित्तीय संकट से उबारने को प्रदेश सरकार से बजट मुहैया करवाने, सैकड़ों रिक्त पदों को भरने में नाकाम रहा है, विवि प्रशासन को अल्टीमेटम दिए जाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ये है विवि कर्मियों की मुख्य मांगें
सेवानिवृति के बाद वरिष्ठता के आधार पर पदों को भरना, एक जनवरी 2013 से एक जुलाई से देय महंगाई भत्ते का भुगतान, लिपिक भर्ती प्रक्रिया पूरी करना, चिकित्सा बिलों का भुगतान,कर्मियों को 4-9-14 की विशेष वेतन वृद्धि, एरियर, वित्तीय लाभ भुगतान, सचिवालय वेतन प्रदान करना, सेवानिवृत कर्मियों को देय राशि का भुगतान करना, सेवादार, चौकीदार, सुरक्षा गार्ड, चालक व पुस्तकालय कर्मियों के पद भरना,प्रयोगशाला, पुस्तकालय, इलेक्ट्रिश्यिन को संशोधित वेतनमान देना, गैर शिक्षकों के 333 और शिक्षकों के 232 पदों को भरना।