हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षकों को सक्रिय राजनीति से दूर रहने की मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा स्थापना दिवस समारोह में दी गई चेतावनी दी है। इस फैसले पर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से पुर्नविचार करने की मांग की है।
शिक्षकों का कहना है कि परिसर में शिक्षक किसी भी रूप में पार्टी स्तर की राजनीति गतिविधियों में शामिल नहीं होते है। उनकी वजह से परिसरों में राजनीतिक माहौल नहीं बनता।
जो शिक्षक इस विशेष अधिकार का लाभ लेते है, वे बाकायदा एचपीयू विवि एक्ट की 35 ए के प्रावधानों के मुताबिक छुट्टी लेकर ही चुनाव लड़ने जाते है। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से इस अधिकार को जारी रखने की मांग उठाई है।
विवि में सक्रिय शिक्षक संघ हपुटा के अध्यक्ष रघुविंद्र सिंह और महासचिव अमरजीत सिंह का कहना है कि परिसर में राजनीति करने वालों पर नकेल कसी जानी चाहिए।
शिक्षकों पर भले ही सीविल सर्विस रूल लागू हो, उन्हें नौकरी के दौरान राजनीति में सक्रिय न होने के नियम पहले भी लागू है, और आगे भले ही इन्हें और सख्ती से लागू किया जाए।