एचपीयू फर्स्ट और सेकंड ईयर की कंपार्टमेंट परीक्षा का रिजल्ट घोषित नहीं कर पाया है। रूसा लागू होने के बाद ईयर सिस्टम में प्रथम वर्ष में कंपार्टमेंट और एक से अधिक विषयों में फेल छात्रों को गोल्डन चांस दिया गया था। परीक्षा सितंबर माह में हुई थी। यह परीक्षा देने वाले छात्र रोलऑन आधार पर फाइनल ईयर की कक्षा में पहुंच गए हैं।
उन्होंने पूरा सत्र कक्षाएं लगाई हैं। प्रथम वर्ष का परिणाम न आने से वे फाइनल के परीक्षा फार्म नहीं भर पा रहे हैं। कॉलेज विवि के नियमों का हवाला देकर उनके फार्म एचपीयू भेजने में असमर्थता जता रहे हैं। इसमें पिछली कक्षा का परिणाम होना जरूरी है। ऐसे में ये छात्र कैसे 31 दिसंबर तक परीक्षा फार्म भर पाएंगे।
गोल्डन चांस में प्रथम वर्ष की परीक्षा देने वाले छात्रों का पिछला परिणाम जमा दो ही होगा। विवि कब तक कंपार्टमेंट और गोल्डन चांस वाले छात्रों का परिणाम निकालेगा, यह साफ नहीं है। इन पर विवि का नए और पुराने यूजी डिग्री कोर्स का सिस्टम भारी पड़ता नजर आ रहा है।
हजारों छात्रों ने दी है परीक्षा
प्रदेश भर के विवि से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में हजारों छात्रों ने गोल्डन चांस में प्रथम वर्ष की परीक्षा दी है। इसमें छात्रों ने एक और दो-दो विषयों की परीक्षा भी दी है। विवि ने इनको रोलऑन आधार पर फाइनल में प्रवेश दिया था। इनमें तीनों संकाय साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स के छात्र शामिल है। रूसा लागू होने पर उन्हें यह चांस दिया गया है। अब यदि समय से रिजल्ट न निकला तो इनका भविष्य दांव पर लग जाएगा।
कॉलेज नहीं भरवा रहा फार्म
कॉलेजों में इन छात्रों ने रेगुलर कक्षाएं लगाई हैं। प्रथम वर्ष का परिणाम न आने पर कॉलेज इनके फार्म नहीं भेज रहे हैं। विवि ने साफ तौर पर अयोग्य छात्रों के फार्म भेजने से इनकार किया है। कॉलेज दूसरे ईयर के कंपार्टमेंट वाले छात्रों के फाइनल के रेगुलर फार्म भेज रहा है। उनकी कंपार्टमेंट परीक्षा पास न भी हुई तो उन्हें मार्च के एक बचे चांस के लिए फार्म भरने को परिणाम घोषित होने पर दस दिन का समय मिलेगा।
जल्द घोषित होगा परिणाम: प्रो. कौशल
विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने बताया कि कंपार्टमेंट और गोल्डन चांस की परीक्षा के परिणाम में अवार्ड चढ़ाने का काम चल रहा है। जल्द परिणाम घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोल्डन चांस वाले प्रथम ईयर के पास होने वाले छात्रों को फार्म भरने को अलग से समय दिए जाने पर विचार चल रहा है।