प्रदेश विश्वविद्यालय में फर्जी मार्क्सशीट के खुलासे के बाद विवि प्रशासन की नींद टूटी है। राम भरोसे चल रही सीओई विंग और प्रशासनिक भवन की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने के प्रस्ताव को कुलपति ने मंजूरी दे दी है। मंगलवार को परीक्षा नियंत्रक के तैयार प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब इस दिशा में कार्रवाई होने की उम्मीद है।
कुलपति की गैर मौजूदगी में विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने 22 नवंबर को परीक्षा विंग के सभी अधिकारियों के साथ सुरक्षा इंतजामों के सुधार को लेकर बैठक की थी। परीक्षा शाखा की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए विंग की सभी शाखाओं में सुरक्षा कड़ी करने पर सहमति बनाई थी। इस पर अधिकारियों की ओर से आए सुझाव के मुताबिक कुलपति को एक प्रस्ताव भेजा था।
इसे कुलपति ने जायज मानते हुए मंजूरी दे दी है। परीक्षा शाखा में सुरक्षा इंतजाम कड़े होने, सुरक्षा कर्मी के तैनात होने पर कम से कम इस भवन में आने वाले हर व्यक्ति का रिकार्ड विवि के पास रहेगा। कैमरा आदि लगने और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम होने से रिकार्ड महफूज होगा। इससे कम से कम बाहर का व्यक्ति छेड़खानी नहीं कर पाएगा।
यह था सुरक्षा का प्रस्ताव
सीओई विंग के अधिकारियों ने प्रशासनिक भवन और परीक्षा विंग के आपस जुड़े भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी। इसके तहत दोनों एंट्री गेट पर सुरक्षा कर्मी और बाकायदा एक विजिटर रजिस्टर लगाने, मुख्य गेट और संभव हो तो हर बड़ी शाखा में सीसी टीवी कैमरा लगाने का प्रस्ताव रखा था।
इसके साथ ही शाखाओं में बाहरी लोगों की एंट्री को रोकने को पुख्ता इंतजाम करने, पूछताछ केंद्र को और मजबूत बनाने की वकालत की थी। परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने माना कि कुलपति ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इस पर काम शुरू है।
पूछताछ केंद्र भी करना होगा मजबूत
लाखों छात्रों के परीक्षा से संबंधित रिकार्ड को महफूज रखने को विवि की यह अच्छी पहल है लेकिन इसके लिए विश्वविद्यालय को मुख्य गेट पर अपने पूछताछ केंद्र में हर परीक्षा से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। इसके लिए पूछताछ केंद्र का हर शाखा से कनेक्ट होना जरूरी होगा।
पूछताछ केंद्र परीक्षा विंग के पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत होने पर ही मजबूत हो पाएगा। लेकिन पहले जैसी घोषित परिणाम आदि को तो केंद्र में उपलब्ध करवाया जा सकता है।