तंगहाली में चल रहे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त 70 कर्मचारियों को विवि प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। पेंशनरों के वित्तीय लाभ का भुगतान लंबे अरसा से अटका पड़ा था। अब विवि प्रशासन ने साढ़े आठ करोड़ रुपये इसके लिए जारी कर दिए हैं।
इस राशि के जारी होने से 2015 तक के सभी मामलों को निपटारा हो सकेगा। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों की एक बड़ी समस्या हल हो गई है। अब सिर्फ दिसंबर के बाद से अब तक के सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की देनदारियां ही बाकी हैं।
विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी ने बताया कि हाल ही में सरकार से मिली साढ़े सात करोड़ के अतिरिक्त अनुदान में से ही यह भुगतान करना संभव है। बताया कि कर्मचारियों के लीव एनकैशमेंट, कम्यूटेशन के साथ ही ग्रेच्युटी का भुगतान संभव हो सकेगा।
इस राशि के जारी होने से बीते साल रिटायर हुए 13 शिक्षकों के अलावा गैर शिक्षक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। 2012 से लेकर अब तक ये कर्मचारी लगातार अपने कमाए पैसे और वित्तीय लाभ के लिए उम्र्र के इस पड़ाव पर विवि के बार-बार चक्कर लगाने को मोहताज थे।
इसके बावजूद उन्हें पैसा नहीं मिल रहा था। अब जबकि राशि जारी हो चुकी है तो जल्द ही यह उनके खातों में डाल दी जाएगी। अभी विवि के करीब डेढ़ करोड़ से अधिक सेवानिवृत्ति के वित्तीय लाभ की देनदारियां बकाया हैं।
विवि के कर्मचारी नेता तेज राम शर्मा हितेश्वर ठाकुर, नरेश कुमार शर्मा, ईसी सदस्य देवी राम वर्मा, कोर्ट सदस्य कुलदीप कुमार सहित सेवानिवृत्त कर्मचारी नेता चौधरी बरयाम सिंह बैंस, हरबंस करोड़ और ओपी शर्मा सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने इस राशि को जारी करने पर विवि प्रशासन और सरकार का आभार जताया है।