हिमाचल में बिना संबद्धता चलने वाले संस्थानों पर कार्रवाई करने वाले एचपीयू का अपना ही बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (सीएसई) कोर्स ढाई साल से बिना मान्यता के चल रहा है। एचपीयू के यूआईआईटी (यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी) में चल रहे इस डिग्री कोर्स के पांच सेमेस्टर हो चुके हैं।
लेकिन अभी तक आल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) की मान्यता इसे नहीं मिल सकी है। ऐसे में पासआउट होने वाले छात्रों को डिग्री तो मिलेगी, मगर उसकी मान्यता पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारों की मानें तो बिना एआईसीटीई मान्यता की डिग्री से छात्रों को विदेश में नौकरी पाना मुश्किल हो सकता है।
वर्ष 2011-12 से हर सत्र में 70 छात्रों का बैच बिठाया जा रहा है। सेल्फ फाइनेंसिंग कोर्स में छात्र ढाई लाख तक फीस चुका रहे हैं। कोर्स में मेरिट पर प्रवेश दिया जाता है। मान्यता दिलवाने के मामले में ढाई साल से लापरवाही बरती जा रही है। वर्तमान में तीन बैच में करीब 210 छात्र पढ़ रहे हैं।