जामिया मिल्लिया इस्लामिया में नॉर्थ-ईस्ट कम्युनिटी का विशेष म्यूजियम और हॉस्टल बनाने का रास्ता साफ हो गया है। उपराज्यपाल ने इस समुदाय की सुरक्षा के लिए जामिया के सेंटर फॉर नॉर्थ-ईस्ट स्टडीज एंड पालिसी रिसर्च के निदेशक प्रो. संजय हजारिका को कमेटी का सदस्य नियुक्त किया है।
कमेटी ने पहले दिन से ही इस समुदाय की समस्याओं की रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी है। केंद्र सरकार की ओर से गठित सेंटर फॉर नॉर्थ-ईस्ट स्टडीज एंड पालिसी रिसर्च देश का पहला ऐसा सेंटर है, जहां संबंधित कम्युनिटी की परंपराओं, भाषा, संस्कृति पर काम हो रहा है।
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सेंटर में पहले दिन महिला आयोग की सिफारिश पर चार मेट्रो सिटी में चार लाख 14 हजार से अधिक संबंधित कम्युनिटी की महिलाओं पर करवाए सर्वे और शोध को शामिल किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजधानी दिल्ली में 81 फीसदी नॉर्थ-ईस्ट महिलाओं का शोषण होता है, जबकि सर्वे में कुल संख्या में से 60 फीसदी ने माना कि उनके साथ शोषण (शारीरिक) और भेदभाव होता है।
जामिया के छात्रों और शिक्षकों की टीम के साथ पुलिस, शिक्षकों व एनजीओ के संयुक्त सर्वे में छात्राएं, शिक्षिकाएं, डॉक्टर, इंजीनियर और सरकारी वर्ग से जुड़े लोग शामिल किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक, अब राजधानी में संबंधित कम्युनिटी की छात्रों, महिला, एनजीओ को शामिल कर दोबारा सर्वे होगा। उसके आधार पर पुलिस से चर्चा होगी।