बीबीएयू में अधिक से अधिक दाखिलों के लिए कई विभागाध्यक्षों ने पाठ्यक्रमों की फीस घटाने के लिए कुलपति को पत्र लिखा है। अभी तक कई कोर्सेज में फीस अधिक होने के कारण स्टूडेंट्स कम दाखिला ले रहे थे।
वहीं दाखिलों के प्रचार के लिए विवि फेसबुक, ट्विटर और लिंकेडन जैसे सोशल मीडिया के साथ ही ऑल इंडिया रेडियो और एफएम का सहारा भी लेगा। बीबीएयू में पिछले साल शुरू किए गए 42 कोर्सेज में से केवल 24 को ही स्टूडेंट्स मिल पाए थे।
इसका सबसे बड़ा कारण कोर्सेज की महंगी फीस को ठहराया गया था। कोर्स न चलने पर विभिन्न पाठ्यक्रमों ने कोर्स की फीस घटाने के लिए कुलपति को पत्र लिखा है।
इसमें मैनेजमेंट विभाग के पांच, फॉर्मेसी का एक और दो कोर्स एमफिल केशामिल हैं। एडमिशन को-ऑर्डिनेटर डॉ. कुशेंद्र मिश्रा के अनुसार उम्मीद जताई जा रही है कि कोर्सेज की फीस कम कर दी जाएगी।
जिससे ज्यादा संख्या में स्टूडेंट्स दाखिला ले सकें। दूसरी ओर, डॉ. मिश्रा ने बताया कि स्टूडेंट्स कोर्सेज के बारे में जानेंगे, तभी दाखिला लेंगे।
विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार आधी सीटें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहती हैं। विश्वविद्यालय में खाली रहने वाली ज्यादातर सीटें रिजर्व कैटेगरी की होती हैं।
इसलिए दूर-दूर तक प्रचार करके सीटों को भरने की कवायद की जा रही है। वहीं विश्वविद्यालय में पिछले साल पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में शुरू किया गया कोर्स इस साल से रेग्युलर कोर्स के तौर पर चलेगा।
अभी तक यह क ोर्स सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत चल रहा है। रेग्युलर कोर्स हो जाने पर इसकी फीस भी कम हो जाएगी। इस समय एमफिल जर्नलिज्म एंड मॉस कम्युनिकेशन की फीस 20 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर है।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में चलने वाले एक अन्य कोर्स पीजी डिप्लोमा इन वीडियो एंड फिल्म प्रोडक्शन की अर्हता में बदलाव किया गया है।
सत्र 2015-16 में पीजी डिप्लोमा इन वीडियो एंड फिल्म प्रोडक्शन में इस साल से किसी भी ग्रेजुएशन पास अभ्यर्थी को दाखिला दिया जा सकेगा।
बढ़ गई एडमिशन फॉर्म की फीस
बीबीएयू में इस साल एडमिशन फॉर्म की फीस 1000 की जगह 1,500 रुपये कर दी गई है। एससी, एसटी और निशक्त अभ्यर्थियों के लिए एडमिशन फीस के रूप में इस साल 750 रुपए देने पड़ेंगे।
आवेदन फीस ऑनलाइन माध्यम के साथ ही ऑफलाइन मोड में जमा करने की भी सुविधा दी गई है। वहीं विवि में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन बुधवार से शुरू हो चुका है।
विश्वविद्यालय इस बार ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश में 16 और पूरे देश में 67 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न कराएगा। ऐसा पहली बार है कि लखनऊ में किसी विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया के साथी प्रवेश परीक्षा भी ऑनलाइन होने जा रही है।