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सिलेबस बदले महीना बीता, पढ़ने-पढ़ाने वाले दोनों बेहोश!

Sun, 29 Sep 2013 03:19 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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गढ़वाल विश्वविद्यालय की सात सितंबर को हुई एकेडमिक काउंसिल (एसी) की पांचवीं बैठक में कई विषयों के टापिक्स, कोर्स में बड़ा फेरबदल कर दिया है।
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लगभग एक माह बाद भी अलबत्ता अधिकतर कॉलेजों, छात्रों को इन बदलावों की जानकारी ही नहीं है। ऐसे में कॉलेजों में अब भी पुराने कोर्स के आधार पर ही अध्यापन कार्य चल रहा है।

नए सिलेबस की नहीं जानकारी
कुछ कॉलेजों को बदलाव संबंधी पत्र मिला है, लेकिन इसमें नए सिलेबस की कोई जानकारी नहीं है। दूसरी ओर, विवि प्रशासन का दावा है कि इस संबंध में लगातार अपडेट किया जा रहा है।
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बता दें कि गढ़वाल विवि के सिलेबस में दस साल बाद यह परिवर्तन किया गया है। यह परिवर्तन सत्र 2013-14 से ही लागू माना जाएगा।

चित्रकला नहीं, ललित कला
एसी की बैठक में चित्रकला विभाग का नाम बदलकर ललित कला विभाग करने पर सहमति बनी है। दाखिले की प्रक्रिया में भी बदलाव हुआ है। अब प्रवेश के लिए छात्रों को प्रवेश परीक्षा के अलावा गढ़वाल विवि परिसर में 50 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा भी पास करनी होगी। इसके अंक जोड़कर ही मेरिट तैयार की जाएगी।

योग में पीएचडी, संगीत में सितार
अगले सत्र से संगीत में सितार की कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी। इसका पाठ्यक्रम गायन के पाठ्यक्रम के अनुसार ही रहेगा। दूसरी ओर, एसी बैठक में अगले साल से योग में पीएचडी प्रारंभ करने पर सहमति बनी।

इनकी भी सुनिए
हमने बदलावों की जानकारी वेबसाइट पर भी डाल दी है। अगर वेबसाइट में देखने में समस्या आ रही है तो हम कॉलेजों को हार्ड कापी भिजवा रहे हैं। जल्द ही कॉलेजों, छात्रों की दिक्कत दूर हो जाएगी।
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- डॉ. पीएस राणा, कुलसचिव, गढ़वाल विवि

ये हुए बदलाव
- बीए प्रथम वर्ष से स्टेटिस्टिक्स विषय हटा लिया गया है, इसकी जगह छात्र इंडियन इकोनॉमी पढ़ेंगे।- एमएससी केमिस्ट्री में कुछ पुराने टापिक हटाए गए हैं, उनकी जगह कुछ नए टापिक जुड़े हैं।- एमए और एमएससी गणित के पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया गया है, पुराने टापिक्स हटाए गए हैं।- अभी तक तीसरे और चौथे सेमेस्टर में होने वाला सेल्फ स्टडी का पेपर अब सिर्फ चौथे सेमेस्टर में होगा।- एमए चित्रकला में अब किताबी पढ़ाई से अधिक फोकस व्यावहारिक ज्ञान पर रहेगा।- संगीत विभाग के पाठ्यक्रम में भी कुछ बदलाव किए गए हैं।- एमए योग एंड अल्टरनेटिव थेरेपीज और पीजी डिप्लोमा इन यौगिक साइंस का सिलेबस बदला गया है।
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