दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सरी दाखिला मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी स्थगन आदेश के कारण सुनवाई से इंकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय से स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही सुनवाई होगी।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता अभिभावकों के उस तर्क को खारिज कर दिया कि ट्रांसफर श्रेणी के मामले पर सर्वोच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश नहीं लगाया और अदालत सुनवाई कर सकती है।
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खंडपीठ ने कहा, ‘यदि वे चाहते हैं कि हम सुनवाई करें तो सर्वोच्च न्यायालय से स्पष्टीकरण लेकर आएं कि इस मुद्दे पर सुनवाई हो सकती है।’ अदालत ने अब मामले की सुनवाई 7 मई तय की है।
इससे पूर्व याची के अधिवक्ता ने सुझाव दिया कि स्कूलों को नर्सरी कक्षा में सीटें बढ़ाने को कहा जाए, ताकि ट्रांसफर श्रेणी के बच्चों को भी दाखिला मिल सके। खंडपीठ ने कहा कि हम ऐसा सुझाव दे सकते हैं, लेकिन पहले आप सर्वोच्च न्यायालय से स्पष्टीकरण लेकर आएं।
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सर्वोच्च न्यायालय ने 11 अप्रैल को हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी थी जिसमें इस श्रेणी के अंक के अलावा अन्य 95 अंकों के आधार पर दाखिले देने की इजाजत दी गई थी।