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हाईकोर्ट ने पूछा, हटाए क्यों नहीं जा रहे गेस्ट टीचर्स?

Thu, 26 Mar 2015 10:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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गेस्ट टीचर्स को न हटाए जाने पर हाईकोर्ट मे कड़ा रुख अपना लिया है। कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कड़ा रूख दिखाते हुए कहा कि सरकार बार-बार कोर्ट के फैसलों का मजाक बना रही है और गेस्ट टीचर्स की सेवाएं बनाए रखने के प्रयास हो रहे हैं। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या गेस्ट टीचर्स राजे-महाराजे हैं, जो उन्हें हटाया नहीं जा रहा है?
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साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना भी हो रही है। कोर्ट ने कहा कि गेस्ट टीचर कोई राजे-महाराजे हैं, जिनको हटा नहीं सकते? कोर्ट के आदेशों की अनेदखी दुखद है।

कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने एडिशनल डायरेक्ट सुमेधा क टारिया व प्रधान सचिव शिक्षा विभाग टीसी गुप्ता के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया।

अब 8 अप्रैल को फिर होगी सुनवाई

अतिथि अध्यापक के संगठन सचिव सुखविंद्र ने बताया कि बुधवार को गेस्ट टीचर्स की ओर से पुनीत बाली ने अपना पक्ष रखते हुए इस मामले की रिट दायर करने के लिए कोर्ट से समय मांगा, इस पर कोर्ट ने 8 अप्रैल तक का समय दे दिया।

इससे पहले, सुबह करीब सवा 10 बजे कोर्ट में गेस्ट टीचर्स को गलत तरीके से सरप्लस दिखाए जाने व प्रदेशभर से हटाए गए 518 गेस्ट टीचर्स को गलत तरीके से हटाए जाने को लेकर दोनों पक्षों में बहस भी हुई।

करीब 40 मिनट की बहस के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 8 अप्रैल तक टाल दी। साथ ही पूरे मामले में शिक्षा विभाग की एडिशन डायरेक्टर सुमेधा कटारिया व प्रधान सचिव शिक्षा विभाग टीसी गुप्ता को पूरा रिकार्ड लेकर पेश होने के निर्देश भी दिए।
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क्या हुआ कोर्ट में

सबसे पहले सरकारी वकील ने बताया कि एचएसएससी का गठन कर दिया गया है। जल्द ही रेगुलर भर्ती कर देंगे। कोर्ट ने पूछा की आपने पिछली सुनवाई पर कहा था कि 1 सप्ताह में पदों की संख्या भरने के लिए कमीशन को भेज देंगे। फिर क्यों नहीं भेजी? सरकारी वकील संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। बोले की कमीशन कल ही पुनर्गठित हुआ है, अब भेजेंगे।

इस दौरान गेस्ट टीचर्स को नहीं हटाने के सरकार के आश्वासन पर भी हाईकोर्ट में काफी देर बहस हुई। सरकारी वकील ने  केवल 3 महीने के लिए गेस्ट लगाए गए थे और हर बार यही कहा जाता है कि नियमित भर्ती होने पर इन्हें निकाल दिया जाएगा, जोकि आज तक नहीं निकाले गए।

इस दौरान मंगलवार को सरकार द्वारा गेस्टों को दिए गए गेस्ट टीचर्स को नहीं हटाए जाने के आश्वासन पर भी बहस हुई। कोर्ट में सरकारी वकील ने कहा कि यह तक कह दिया गया है कि हटाए गए 518 गेस्ट टीचर फिर से लगाए जाएंगे, जोकि गलत है।
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