गणपति शिक्षण संस्थान ने छात्रों के बीच मारपीट के मामले में शनिवार को दस छात्रों को कॉलेज से निष्कासित कर दिया। निष्कासित होने वाले छात्रों में निकुंज, अनुज चौहान ओजस त्यागी, हिमांशु, सुनीत, अमित, शुभम राणा, विकास मुस्तकीन और सागर हैं।
ये सभी बीटेक और डिप्लोमा के छात्रा हैं और सहारनपुर, देवबन और मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। कॉलेज प्रबंधन समिति के चेयरमैन का कहना है कि यूपी और बिहार के छात्रों के बीच हुए झगड़े के दो दिन बाद कॉलेज में स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है। शनिवार को कॉलेज में कुछ कक्षाओं की परीक्षाएं भी शांतिपूर्वक संपन्न हुईं।
गौरतलब है कि बिलासपुर स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ रहे छात्रों के दो गुटों के बीच वीरवार को जमकर मारपीट हो गई थी। इसमें संस्थान के तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी थी।
हरियाणा-बिहार के छात्रों में चले थे चाकू
वीरवार दोपहर को क्षेत्र के निजी शिक्षण संस्थान के मेन गेट पर जमकर चाकू चले। घटना में बीटेक बिहार के छात्र कुणाल और विकास गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें बिलासपुर सिविल अस्पताल से जगाधरी रेफर कर दिया गया। परंतु डर के मारे छात्र जगाधरी अस्पताल जाने से मना कर रहे थे।
छात्रों का कहना था कि उन्हें डर है कि कही उनके ऊपर दोबारा हमला न हो जाए या तो वे कॉलेज की बस या फिर चेयरमैन के साथ ही इलाज के लिए जगाधरी अस्पताल में जाएंगे।
एक घंटा बीत जाने पर कॉलेज की ओर से एक सामान्य कर्मचारी ही अस्पताल पहुंचा जिसके साथ जाने से छात्रों ने मना कर दिया था। घायल कुणाल और विकास ने बताया था कि वे बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र है और वे किराये के मकान में रहते हैं।
आज दोपहर को जब वे कॉलेज के मेन गेट से जैसे ही बाइक से कमरे की ओर जा रहे थे तो कॉलेज गेट पर पहले से खडे़ लगभग आधा दर्जन युवकों ने उन पर डंडों, सरियों और चाकू से हमला बोल दिया। इसमें बी टेक द्वितीय वर्ष कुणाल और विकास गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि एक अन्य को मामूली चोटें आई।
कॉलेज कैम्पस ने प्रशासन ने किए सुरक्षा प्रबंध
घटना के तीसरे दिन भी प्रशासनिक अधिकारियों ने कॉलेज परिसर को दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। सुबह एसडीएम पूजा चावरिया और डीएसपी नरेश अहलावत ने कॉलेज परिसर का दौरा किया। कॉलेज प्रबंधक ने पहले दिन हुए घटनाक्रम से सबक लेते हुए पूरी मुस्तैदी के साथ कॉलेज परिसर में जमा थे।
कल प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में बाद आज जिन जगहों पर आवश्यकता थी, वहां गार्ड तैनात कर दिए। कॉलेज छोड़कर जाने वाले बच्चों के बारे में जब कालेज प्रबंधक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि संस्थान से छात्रों द्वारा किसी भी प्रकार का पलायन नहीं हुआ है। डिप्लोमा के छात्रों की परीक्षाएं समाप्त हो गई हैं, इसलिए सभी छात्र अवकाश होने के कारण अपने घर जा रहे हैं।
जिन छात्रों की परीक्षा 22 दिसंबर से शुरू होनी है, वे अपने अवकाश पर घर गए हैं। कॉलेज का वातावरण पूरी तरह सुरक्षित है और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की है। सभी अभिभावकों को फोन के माध्यम से यथावत स्थिति की जानकारी मुहैया कराई जा रही है, ताकि उनके मन की आशंकाएं समाप्त हो।