सरकारी स्कूल में 9वीं क्लास की परीक्षा में आधे से अधिक स्टूडेंट फेल होने पर अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। घटना शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे धनास स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की है। 150 से अधिक स्टूडेंट और अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया।
करीब दो घंटे तक स्कूल में अभिभावकों की शिक्षकों के साथ बहस होती रही। मामला बिगड़ता देख स्कूल प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। 50 के करीब पुलिस कर्मचारियों ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले को शांत कराया। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल में 9वीं के 143 विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया।
उधर शिक्षकों ने कहा कि सीबीएसई के नए नियमों के तहत विद्यार्थी 25 फीसदी अंक भी नहीं ले सके। अभिभावकों के कड़े विरोध को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों की आंसरशीट भी दिखा दी, लेकिन अभिभावक बच्चों को सिर्फ पास करने पर अड़े रहे। शुक्रवार को स्कूल प्रिंसिपल हरनीत कौर छुट्टी पर होने के कारण मामला ओर भी बिगड़ गया।
नॉन मॉडल में 147 में से सिर्फ 58 स्टूडेंट पास हुए। जबकि नॉन मॉडल में 113 में से 54 स्टूडेंट ही पास हुए। यह रिजल्ट स्कूल द्वारा री-अपीयर चांस दिए जाने के बाद का है।
लड़की का कांस्टेबल पर थप्पड़ मारने का आरोप
स्कूल में हंगामा उस समय और भी बढ़ गया जब एक छात्रा ने एक पुलिस कर्मचारी पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया। इसके बाद स्कूल में स्थिति काफी तनाव पूर्ण हो गई। मामला शांत कराने के लिए धनास के सरपंच और कुछ अन्य पार्टियों के नेता भी पहुंच गए।
पुलिस कर्मचारियों ने कहा कि भीड़ को हटाने के दौरान छात्रा को धक्का लग गया होगा। उधर अभिभावकों ने स्कूल के ही एक शिक्षक पर गलत कमेंट करने का आरोप लगाया। शिक्षक ने अभिभावकों के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया।
कोट्स ..
सीबीएसई ने अब अगली क्लास में प्रमोट करने के लिए एस वन और एस टू मेें 50 फीसदी अंक जरूरी कर दिए हैं। जबकि पहले ग्रेड सिस्टम था। मार्किंग नियमों के तहत की गई, अभिभावकों को आंसरशीट भी दिखाई है, लेकिन वह सिर्फ बच्चों को पास करने की जिद पर अड़े हैं। हमने सीबीएसई रीजनल डायरेक्टर आरजे खांडेराव और डीईओ से से इस मामले में जानकारी दे दी है।
सीमा-वाइस प्रिंसिपल, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, धनास
9वीं की परीक्षा सीबीएसई पैटर्न पर ली जाती है। प्रश्न पत्र भी सीबीएसई द्वारा तैयार किए जाते हैं। विद्यार्थियों को री-अपीयर का चांस भी दिया गया है। अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों को मेहनत कराएं और उनकी नौंवी स्तर पर ही नींव मजबूत कराऐं।
रामकुमार शर्मा (जिला शिक्षा अधिकारी चंडीगढ़)
धनास में बनी नई कालोनी में 30 हजार बच्चे हैं। लेकिन प्रशासन ने कोई नया स्कूल तैयार नहीं किया। एक सेक्शन में 80 से 90 स्टूडेंट हैं। प्रशासन को धनास में नया स्कूल और शिक्षकों का प्रबंधन करना चाहिए। इस मामले में प्रशासन के खिलाफ आवाज उठानी पड़ी तो उसके लिए भी तैयार हैं।
कुलजीत सिंह संधू (सरपंच धनास)