गुड़गांव के कॉलेजों की स्नातक के कोर्स में दाखिला की दौड़ गुरुवार से शुरू हो गई है। बुधवार को कॉलेजों द्वारा मेरिट लिस्ट तैयार करने में टीम जुटी रही, लेकिन ऑनलाइन सर्वर ने कॉलेजों को धोखा दिया। जिसकी वजह से सभी विषयों की मेरिट लिस्ट तैयार नहीं हो सकी।
कॉलेज प्रिंसिपलों का कहना है कि जिन विषयों का मेरिट लिस्ट नहीं निकल पाया है, उसे गुरुवार को निकालकर चस्पा दिया जाएगा। पिछले साल के मुकाबले पहली कटऑफ में सात से दस फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। अधिकतर कॉलेज में 78 फीसदी से शुरू हो रहा है।
इससे सैंकड़ों कम अंक वाले ऐसे छात्रों को मायूसी हाथ लगी। जो पहली ही लिस्ट में दाखिले की उम्मीद कर रहे थे। अब उन्हें दूसरी कट ऑफ का इंतजार करना होगा। सभी कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटे में अधिक कटऑफ गई है, जबकि हरियाणा के सामान्य कोटे में कम रही है।
बीएससी और बीकॉम रहा हॉट
सेक्टर-14 राजकीय कॉलेज में बीकॉम ऑनर्स के ऑल इंडिया कैटेगरी मं 95.6 फीसदी पार गया है, जबकि हरियाणा के सामान्य कैटेगरी में 92 फीसदी रहा है। इसी तरह बीएससी मेडिकल 87.6 फीसदी कटऑफ रहा। द्रोणाचार्य कॉलेज में बीकॉम में 80.8 फीसदी तो बीएससी नॉन मेडिकल में 91.6 फीसदी कटऑफ रहा है। सेक्टर-9 राजकीय कॉलेज में बीकॉम ऑनर्स में 91.4 फीसदी रहा, जबकि बीएससी नॉन मेडिकल में 93.4 फीसदी रहा। हरियाणा के सामान्य वर्ग में चार फीसदी की गिरावट रही।
राजकीय कॉलेज सेक्टर-14 के प्रिंसिपल उषा मलिक ने बताया कि बुधवार को पूरी तरह कटऑफ लिस्ट तैयार नहीं हो पाई है। ऑनलाइन गड़बड़ी होने की वजह से समस्या का सामना करना पड़ा। गुरुवार को पूरी लिस्ट तैयार कर ली जाएगी। छात्रों के लिए सुबह 11 बजे कॉलेज नोटिस बोर्ड पर चस्पा दिया जाएगा।
द्रोणाचार्य राजकीय कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि ऑनलाइन में कुछ तकनीकी समस्या की वजह से दो विषयों की मेरिट तैयार हुई है। बाकी विषयों की मेरिट गुरुवार को तैयार हो जाएगी।
दाखिला पक्का करने के लिए ले जाएं ये दस्तावेज
कटऑफ लिस्ट जारी होने के साथ ही दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गया है। पहली मेरिट लिस्ट के बाद छात्रों को पांच दिन, दूसरी मेरिट लिस्ट चार दिन और तीसरी मेरिट के बाद चार दिन का मौका दिया गया है। हरेक कॉलेज में दाखिला देने के लिए एडमिशन कमेटी का गठन किया गया है। जो मेरिट लिस्ट में आए छात्रों की मूल दस्तावेज जांचेगी। इसी के बाद छात्रों को दाखिला दिया जाएगा। अगर छात्र मूल प्रमाण पत्र देने से चूकता है तो उन्हें दाखिला से वंचित किया जा सकता है। कुछ मामलों में एक सप्ताह की छूट मिलेगी।
यह दस्तावेज है जरूरी
-दसवीं व बारहवीं का मार्कशीट
-चरित्र प्रमाण पत्र
-एड्रेस प्रुफ
-जाति प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
-वेटेज प्रमाण पत्र (इसमें खेल व एक्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी शामिल है, लाभ लेने के लिए मूल प्रमाण दिखाना होगा)
-माइग्रेशन सर्टिफिकेट (अगर बारहवीं हरियाणा के बाहर से हो)
-आय प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)