शहर के इंजीनियरिंग संस्थानों में इस साल बारहवीं में 45 फीसदी अंक हासिल करने वाले विद्यार्थी भी दाखिला ले पाएंगे।
पिछले साल तक इसके लिए 60 फीसदी अंक जरूरी थे, लेकिन एनआईटी सहित देश के कई अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों की ओर से दाखिले के लिए अनिवार्यता 60 से कम कर 45 करने दी।
इसके बाद शहर के इंजीनियरिंग संस्थानों के दाखिले के लिए गठित ज्वाइंट एडमिशन कमेटी (जेएसी) ने भी 45 फीसदी अंकों की अनिवार्यता कर दी जिसे पीयू सिंडीकेट ने मंजूरी दे दी है।
एनआईटी और देश के सर्वोच्च अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों में पिछले साल इंजीनियरिंग कोर्सों में कई सीटें चौथी काउंसलिंग के बाद भी खाली रह गई थी, लेकिन 12वीं में 60 फीसदी अंकों की अनिवार्यता होने के कारण बहुत से छात्र चाह कर भी दाखिला नहीं ले पाए थे।
इसलिए इस साल बारहवीं में अंकों की अनिवार्यता को कम कर दिया गया है। सीबीएसई की ओर से ली जाने वाली जेईई मेन की रैंक में बारहवीं के बोर्ड के मार्क्स को 40 और जेईई (मेन) के मार्क्स को 60 प्रतिशत की वेटेज दी जाती है। जिन छात्रों के बारहवीं में कम मार्क्स आते हैं उनकी रैंक पीछे हो जाती है।
पिछले साल चंडीगढ़ के इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले के लिए जेईई (मेन) में पहले न्यूनतम 15 फीसदी मार्क्स होने की अनिवार्यता रखी गई थी। बाद में विद्यार्थियों की मांग पर इस अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया था।
ध्यान रहे कि चंडीगढ़ में पेक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी), डॉ. एसएस भटनागर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी) और होशियारपुर स्थित एसएस गिरी पीयू रीजनल सेंटर में संयुक्त दाखिला होता है।
इस संबंध में ज्वाइंट एडमिशन कमेटी के चेयरमैन और पीयू के डॉ.एसएस भटनागर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी के अध्यक्ष प्रो.यूएस शिवहरे ने कहा कि एनआईटी सहित कई इंजीनियरिंग संस्थानों ने योग्यता में बदलाव किया था।
इसके आधार पर ही हमने से बारहवीं में 60 फीसदी की जगह 45 फीसदी अंकों की अनिवार्यता कर दी है।