जिनेवा में गॉड पार्टिकल की खोज से जुड़े पंजाब यूनिवर्सिटी के फिजिक्स विभाग के चार शिक्षकों की टीम को विज्ञान और तकनीकी मंत्रालय से 1.47 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली है।
उनके प्रोजेक्ट को 31 मार्च 2018 तक के लिए मंजूरी मिल गई है। प्रोजेक्ट का टाइटल ‘आरएंडडी एफर्ट्स बाई यूनिवर्सिटी ग्रुप फॉर इंडिया बेस्ड न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी’ प्रोजेक्ट है। न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी तमिलनाडु में बनाई जाएगी जिसके लिए पीयू को कुछ पार्ट्स बनाने हैं।
वीरवार को पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडीकेट की बैठक में कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने यह जानकारी देते हुए कहा कि पीयू के हाई एनर्जी फिजिक्स ग्रुप जिनमें प्रो. जेबी सिंह, डा. विपिन भटनागर, डा. अशोक कुमार और डा. जेएस शाही शामिल हैं, केंद्र सरकार ने उनका 1.47 करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर किया है।
लगभग 2 महीने बाद हुई सिंडीकेट बैठक में सिर्फ चार प्रस्तावों पर ही चर्चा हुई। एक घंटे 10 मिनट तक चली बैठक में सिंडीकेट ने पीयू के गर्ल्स हॉस्टल नंबर-9 का नाम पंजाबी लेखिका अमृता प्रीतम के नाम पर रखने के कुलपति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इसके अलावा सीनेट के छह सदस्यों की फैकल्टी भी स्वीकृत कर ली गई। इनमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्याय मूर्ति एसके कौल, प्रो.नवदीप गोयल, जीएस घुमन, प्रो. देवेंद्र सिंह, कुलजीत सिंह नागरा और संदीप हंस शामिल हैं।
कुलपति ने सिंडीकेट को बताया कि केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर 23 दिसंबर को गर्ल्स हॉस्टल नंबर-9 का उद्घाटन करेंगी। सिंडीकेट ने जाने मानी पंजाबी लेखक प्रो.गुरदयाल सिंह को मानद डिग्री देने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।
सिंडीकेट में पीयू के विभिन्न संकायों से 29 शोधकर्ताओं को पीएचडी डिग्री को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा सिंडीकेट में फैसला लिया गया कि 28 दिसंबर तक वाइवा दे चुके शोधकर्ताओं को भी पीयू कुलपति की मंजूरी से डिग्री दे जाएगी।
कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने बताया कि कला एवं संस्कृति मंत्रालय की ओर से डा. सुरेंद्र कुमार देवेश्वर को सीनियर फैलोशिप दी गई है। बीस हजार रुपये प्रति माह फैलोशिप नवंबर 2013 से दो साल के लिए दी गई है। सिंडीकेट ने बॉटनी विभाग के पूर्व चेयरपर्सन प्रो. एसपी विज और पीयू डेंटल कालेज की छात्रा अनुकृति त्रिपाठी के निधन पर शोक व्यक्त किया।
13वीं रैंकिंग पर दी सिंडीकेट में बधाई
पंजाब यूनिवर्सिटी को ब्रिक्स देशों में 13वां रैंक मिलने पर सिंडीकेट सदस्यों ने वीरवार को एक दूसरे को बधाई दी। कुलपति ने भविष्य में पीयू को वर्ल्ड रैंकिंग में ओर आगे लाने के लिए सिंडीकेट सदस्यों से सुझाव मांगे। इस मामले में सिंडीकेट में काफी देर तक चर्चा हुई।