उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय में पीएचडी करवाने के नाम पर शोध छात्रा के साथ ठगी करने का मामला सामने आया है। 50 हजार रुपये उससे थीसिस सबमिशन के नाम पर लिए गए थे लेकिन रिसर्च डिग्री कमेटी ने शोध छात्रा की डिग्री को जमा करने की इजाजत नहीं दी थी।
पीड़ित ने एकेडमिक सेल प्रभारी आरके सिंह को यह रकम दी थी लेकिन जब आरडीसी ने थिसिस जमा करने की इजाजत नहीं दी तो वह उससे एक लाख रुपये और मांगने लगा।
छात्रा ने शिकायत एक नेता से की और फोन पर हुई रिकॉर्डिंग कुलपति डॉ. आरके खांडल को सुनाई। कुलपति ने तत्काल प्रभाव से आरोपी को एकेडमिक सेल से हटा दिया है।
यूपीटीयू से वर्ष 2004-05 में एमबीए करने वाली श्वेता अवस्थी ने पीएचडी में आवेदन वर्ष 2008 में किया था। इन्होंने पीएचडी की और थिसिस जमा करने के लिए फाइल चलवाई।