जांच में अच्छा ग्रेड पाने के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (नाक) की टीम पर 26 लाख रुपये खर्च किए। यह खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआई) से हुआ है। टीम पिछले साल 17-22 फरवरी को विश्वविद्यालय आई थी।
जांच के बाद जामिया को ‘ए’ ग्रेड मिला था। हालांकि इसका खंडन करते हुए जामिया के प्रवक्ता मुकेश रंजन ने कहा कि यह पैसा टीम को प्रभावित करने के लिए खर्च नहीं किया गया है।
जामिया के पूर्व कानूनी सलाहकार अत्याब सिद्दकी और स्कूल टीचर फिरोज बख्त अहमद को आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, काउंसिल की टीम जामिया ने 6 दिनों में 26.50 लाख रुपये खर्च किए।
इसमें 4.1 लाख रुपये उनके भोजन पर खर्च किया गया। 3 लाख की किताबें और स्टेशनरी, 1.26 लाख का डिजाइनर बैग दिया गया। उनके आने-जाने के लिए 80 कार का इस्तेमाल हुआ जिस पर 1.93 लाख खर्च हुए।
सिद्दकी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को पत्र लिखकर जामिया के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। साथ ही इस पूरे खर्च को लेकर जांच की मांग भी की है।
वहीं जामिया के प्रवक्ता का कहना है कि जब 20 सदस्यीय टीम आई थी तब जामिया के गेस्ट हाउस में मरम्मत का काम चल रहा था। सभी सदस्य आसानी से आपस में समन्वय कर सके इसके लिए पास के एक होटल में उन्हें ठहराया गया था।