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...जब फ्लाइंग स्क्वॉयड को करानी पड़ी परीक्षा

Sun, 09 Mar 2014 08:49 AM IST
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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नकल माफियाओं ने नकल का नया पैंतरा निकाला है। कॉपी-किताब के बजाय अब मुंहजबानी नकल हो रही है।
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शनिवार को यूपी बोर्ड हाईस्कूल में विज्ञान विषय की परीक्षा में नकल की आशंका देखते हुए उड़ाका दल को निरीक्षण के बजाय खुद ही परीक्षा ड्यूटी करनी पड़ी।

पूरी परीक्षा निपटाने के बाद ही उड़ाका दल वहां से रवाना हुआ। नकल के नए तरीके की वजह से शनिवार को एक भी परीक्षार्थी नकल करते हुए नहीं पकड़ा गया।

वहीं दूसरी ओर, परीक्षा के दौरान बोर्ड परीक्षा में शनिवार को भी कक्ष निरीक्षकों की किल्लत बताई गई। बोर्ड परीक्षा के दौरान शनिवार कुछ निजी कॉलेजों में बोल-बोलकर नकल कराने की शिकायत डीआईओएस कार्यालय में बराबर आ रही है।

शनिवार सुबह की पाली में हाईस्कूल में विज्ञान विषय की परीक्षा थी। सुबह 10 बजकर पांच मिनट पर उड़ाका दल कॉलेज पहुंचा। इससे ऊपर के कमरों में शोर सुनाई दिया।
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इस पर उड़नदस्ते के सदस्यों ने परीक्षार्थियों की कॉपियां मिलाईं। कॉपियां लगभग एक जैसी लग रहीं थीं। मजे की बात तो यह थी कि लगभग सारे परीक्षार्थी एक ही सवाल पर अटके हुए थे।

इसके बाद सदस्यों ने सभी कक्ष निरीक्षकों को बाहर करके खुद ही बाकी परीक्षा करवाई। परीक्षा करवाने के बाद बंडल सील होने के बाद ही उड़नदस्ते के सदस्य वहां से निकले।

इस क्षेत्र में इससे पहले जावेद अली और कुंवर आसिफ अली में भी मुंहजबानी नकल की आशंका जताई जा चुकी है। वहीं, दूसरी ओर शनिवार को भी कक्ष निरीक्षकों की कमी संबंधी शिकायतें कंट्रोल रूम में दर्ज कराई गईं।
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हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक पीसी यादव ने कक्ष निरीक्षकों की कमी की शिकायत को गलत बताया। उनके अनुसार कॉलेज विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के कारण बहाना बता रहे हैं।
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