उत्तराखंड में चिकित्सा सेवा को मजबूत बनाने के लिए पांच नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। साथ ही सात वेटेनरी कॉलेज भी खुलेंगे।
चिकित्सा सुविधा बेहतर बनाने को सरकार प्रतिबद्ध
वहीं नए पैरामेडिकल कॉलेज खोलने की योजना पर सरकार काम कर रही है। चिकित्सा शिक्षामंत्री हरक सिंह रावत ने सोमवार को पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के स्थापना दिवस समारोह में कहा कि राज्य में चिकित्सा सुविधा को बेहतर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
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प्रदेश में करीब 2700 चिकित्सकों के पद खाली हैं, इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए पांच नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। इसमें तीन सरकारी और दो प्राइवेट कॉलेज होंगे।
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ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा को बढ़ावा देने के लिए हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से तैयार हो रहे डॉक्टरों के साथ तीन साल का अनुबंध भी किया गया है। इसके तहत डॉक्टरों को कम से कम तीन साल तक प्रदेश में सेवाएं देनी होंगी।
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वहीं जानवरों के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए वेटेनरी चिकित्सकों को भी तैयार करने की तैयारी हो रही है। वर्तमान में पंतनगर विश्वविद्यालय में वेटेनरी की पढ़ाई होती है। मगर अब राज्य में सात नए वेटेनरी कॉलेज खोले जाएंगे।
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वहीं रेडियोलॉजी, एक्स-रे आदि पैरामेडिकल क्षेत्र में भी विशेषज्ञों को तैयार किया जाएगा। इसके लिए नए कॉलेज खोलने की योजना बनाई जा रही है।
यहां खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज
सरकारी कॉलेज - अल्मोड़ा, देहरादून, रुद्रपुर
निजी कॉलेज - सुभारती मेडिकल कॉलेज, देहरादून, आरोग्य मेडिकल कॉलेज, भगवानपुर, रुड़की
वेटेनरी कॉलेज
कालसी, नरेंद्रनगर, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, गौचर, चंपावत