आम आदमी पार्टी से प्रेरणा लेते हुए महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को बिजली दरों में 20 फीसदी कटौती की घोषणा कर दी। अब घरेलू उपभोक्ताओं, उद्योगों और पावरलूम को 20 फीसदी सस्ती बिजली मिलेगी। हालांकि छूट सिर्फ 300 यूनिट से कम बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को ही मिलेगी। यह छूट मुंबई में लागू नहीं होगी।
महाराष्ट्र कैबिनेट की सोमवार की बैठक में पूरे महाराष्ट्र में राज्य की बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी महावितरण की ओर से सप्लाई की जाने वाली बिजली की दरों में कटौती का फैसला किया गया। यह कटौती मुंबई में लागू नहीं होगी क्योंकि यहां टाटा पावर, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और वृहनमुंबई इलेेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग बिजली की सप्लाई करती हैं।
माना जा रहा है कि लोक सभा चुनावों को देखते हुए बिजली दरें सस्ती करने का यह फैसला किया गया है। राज्य में कांग्रेस के सांसद संजय निरुपम और प्रिया दत्त ने इसके लिए अभियान छेड़ा था। उन्होंने रिलायंस एनर्जी की ओर से मुंबई के उपनगरीय इलाकों में सप्लाई की जा रही बिजली की दरों में कटौती की मांग की थी।
गौरतलब है सस्ती बिजली से होने वाले घाटे की भरपाई के लिए महाराष्ट्र सरकार को महावितरण को हर महीने 606 करोड़ रुपये देने होंगे। महावितरण के 2।14 करोड़ उपभोक्ता हैं। इनमें 1।43 करोड़ उपभोक्ता घरेलू बिजली का इस्तेमाल करते हैं। 37 लाख किसान उपभोक्ता हैं। दस लाख से ज्यादा उपभोक्ता कॉमर्शियल बिजली का इस्तेमाल करते हैं।