सितंबर में संभावित छात्र काउंसिल चुनाव से पहले ही पीयू कैंपस में छात्र संगठनों के बीच आए दिन मार पिटाई की घटनाएं हो रही हैं। वीरवार को फिर पीयू में पुलिस कर्मचारियों और सिक्योरिटी गार्ड की मौजूदगी में 30-35 आउटसाइडर डंडे और रॉड से कई गाड़ियों में तोड़ फोड़ करके भाग गए।
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एनएसयूआई के नेताओं की गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। एनएसयूआई ने इसके लिए पुसू-जीजीएसयू के नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। वीरवार दोपहर करीब 1.20 बजे गर्ल्स हॉस्टल नंबर 4 (कस्तूरबा हाल) के सामने एनएसयूआई की छात्राएं और छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे थे। 4 गाड़ियों में करीब 30 स्टूडेंट आए और एनएसयूआई छात्र नेता की पोलो गाड़ी के शीशे तोड़ डाले।
चंद कदम की दूरी पर बैठे कई पुलिस कर्मचारी और सिक्योरटी गार्ड घटना में तमाशबीन बने रहे। हमलावार गेट नंबर-3 की तरफ से निकल भागे। हमलावरों ने इससे पहले गांधी भवन और हॉस्टल नंबर 1 के सामने भी दो गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले।
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एनएसयूआई छात्र नेता मनोज लुबाना और सिमरनजीत कौर ने हमला करने वाले छात्रों की पहचान पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (पुसू) और गांधी ग्रुप स्टूडेंट यूनियन (जीजीएसयू) पार्टी के तौर पर की है। बताया जा रहा है तोड़फोड़ करने वालों में एक लड़की भी शामिल है।
बदला लेने की पहले ही की थी घोषणा
एनएसयूआई के संजीव ने हमला करने वाले पुसू प्रधान सहजपाल, नवल, अमन कंबोज और जीजीएसयू के प्रधान हरमन विर्क, अरमान चीमा, लवली, गगन चट्ठा, शैंकी धीमान और अंतरदीप के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया है।
एनएसयूआई नेता सिमरनजीत कौर गिल की शिकायत पर पुलिस ने मॉडल फ्रैनी आहूजा, कैप्टन, नवल, अंतरदीप, सहजपाल, अमनदीप के खिलाफ के धारा 294 के तहत मामला दर्ज कराया है। मामले की शुरुआत बुधवार रात को हो गई थी।
गर्ल्स हॉस्टल नंबर 4 के बाहर देर रात एनएसयूआई और पुसू-जीजीएसयू के बीच जमकर मार पिटाई हुई। सूत्रों के अनुसार, एनएसयूआई समर्थकों ने दूसरे संगठन की गाड़ी के शीशे तोड़े थे। रात में ही पुसू और जीजीएसयू छात्र नेताओं ने बदला देने की घोषणा कर दी थी।
छात्र संगठन चुनाव कराने पर प्रश्न चिह्न
इस घटना से सितंबर में होने वाले छात्र संगठन चुनाव कराने पर प्रश्न चिह्न लग गया है। पीयू प्रशासन ने दो दिन पहले ही सितंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में चुनाव कराने को लेकर गृहसचिव और एसएसपी को चिट्ठी लिखी है।
कैंपस में हिंसक हालातों को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन के लिए अब चुनाव की तिथि को लेकर मुश्किल पैदा हो सकती है। एसएसपी पहले ही हिंसक हालात में चुनाव नहीं कराने की बात सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं।
कैंपस की निगरानी के लिए लाखों की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। लेकिन कैमरे सिर्फ शोपीस बन कर रहे गए हैं। पीयू में साल भर में 15 से अधिक हिंसक वारदातें हो चुकी, लेकिन सीसीटीवी कैमरे की मदद से एक भी मामले का निपटारा नहीं हुआ। घटना को अंजाम देकर हमलावार सरेआम निकल जाते हैं। वीरवार को भी हमलावार मेन गेट से निकल गए।
नया सत्र शुरू हुए अभी दो महीने भी नहीं हुए, लेकिन अभी तक कैंपस में छात्र संगठनों के बीच 6 के करीब मार पिटाई की घटनाएं हो चुकी हैं। छात्र गुटों में पहली झड़प 1 जुलाई को हेल्प डेस्क पर सोई और पुसू के बीच हुई।
अन्य घटनाओं में ब्लॉक 4 में पुसू और सोई, साउथ कैंपस स्थित हॉस्टल नंबर-8 में देर रात, सोपू समर्थकों ने एबीवीपी छात्र समर्थक को पीटा और बुधवार को गर्ल्स हॉस्टल नंबर 4 के सामने जमकर बवाल हो चुका है।
चीफ सिक्योरटी ऑफिसर, पीयू डॉ. जितेंद्र ग्रोवर के मुताबिक मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है। हमला करने वाले आउट साइडर थे। एक वीडियो क्लीपिंग में 8-9 हमलावार दिखाई दिए हैं। मामले की जांच की जा रही है।